सीरिया में कुर्दों को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी का तुर्की ने जोरदार जवाब दिया है. तुर्की ने कहा है कि कुर्द आतंकवादी हैं और वह इनके खिलाफ लड़ाई जारी रखेगा.

पीटीआई के मुताबिक सोमवार को तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोआन के प्रवक्ता इब्राहिम कलिन ने यह बात कही है. कलिन ने एक ट्वीट कर कहा, ‘तुर्की इस्लामिक स्टेट और कुर्द पीपल्स प्रोटेक्शन यूनिट के लड़ाकों के बीच कोई अंतर नहीं मानता है. डोनाल्ड ट्रंप, आतंकवादी आपके साझेदार और सहयोगी नहीं हो सकते. हमें उम्मीद है कि अमेरिका हमारी रणनीतिक साझेदारी का सम्मान करेगा.’

बीते दिसंबर में डोनाल्ड ट्रंप ने सीरिया से अपने सभी सैनिकों को वापस बुलाने का ऐलान किया था. अमेरिकी सैनिकों के जाने के बाद कुर्द सीरिया में अकेले रह जाएंगे. इससे उत्तरी सीरिया के मनबिज और अन्य शहरों में आईएस के खिलाफ लड़ रहे कुर्दों पर तुर्की के हमले का खतरा बढ़ गया है.

कुर्दों की असुरक्षा को लेकर मीडिया में चल रही खबरों के बीच बीते रविवार को डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था, ‘सीरिया में कुर्द बलों पर हमला करने पर हम तुर्की को आर्थिक रूप से तबाह कर देंगे. इसी तरह, हम यह भी नहीं चाहते कि कुर्द अंकारा को उकसाएं.’

तुर्की कुर्दों को मनबिज से हटाना क्यों चाहता है?

मनबिज सहित उत्तरी सीरिया के कई शहरों में कुर्द लड़ाके लंबे समय से आईएस को खत्म करने में अमेरिका का सहयोग कर रहे हैं. लेकिन, तुर्की अपनी सीमा से सटे इस सीरियाई शहर में कुर्द लड़ाकों की उपस्थिति नहीं चाहता. बीते जून में उसने अमेरिका से एक समझौता किया था जिसमें कहा गया था कि कुर्द बहुत जल्द मनबिज से चले जाएंगे. लेकिन अभी तक ऐसा न होने की वजह से तुर्की नाराज है.

तुर्की किसी भी तरह अब कुर्दों को मनबिज से हटाना चाहता है. यही वजह है कि वह अमेरिकी सेना के सीरिया से जाने के बाद कुर्द लड़ाकों पर धावा बोलने की तैयारी में है. तुर्की कुर्दों को आतंकवादी मानता है, उसका कहना है कि कुर्द तुर्की में सक्रिय अलगाववादी संगठनों के सबसे बड़े मददगार हैं.