मकर संक्रांति पर पहले शाही स्नान के साथ प्रयागराज (इलाहाबाद) में अर्धकुंभ की मंगलवार को औपचारिक शुरूआत हो गई. विभिन्न अखाड़ाें के साधुओं के स्नान का सिलसिला सुबह 5.45 से शुरू हुआ. सबसे पहले पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी और पंचायती अटल अखाड़ा के नागा साधु अपने लाव-लश्कर के साथ संगम पहुंचे और डुबकी लगाई.

समाचार एजेंसी भाषा के मुताबिक मेला प्रशासन ने सभी अखाड़ों को बारी-बारी से स्नान के लिए आधे से पौन घंटे का समय दिया था. शाही स्नान के क्रम में अटल अखाड़ा के बाद पंचायती निरंजनी अखाड़ा और तपोनिधि पंचायती आनंद अखाड़ा के साधुओं ने डुबकी लगाई. इनमें केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण राज्यमंत्री निरंजन ज्योति भी शामिल थीं. वे इसी सोमवार को निरंजनी अखाड़ा में महामंडलेश्वर बनी हैं.

शाही स्नान देखने के लिए भारी तादाद में लोग संगम क्षेत्र में मौजूद थे. शाही स्नान करने वाले अखाड़ों में जूना अखाड़े का लाव-लश्कर सबसे बड़ा था. इस अखाड़े के प्रमुख महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि हैं. मेला प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया कि सुबह सात बजे तक करीब 12 लाख और 11 बजे तक 67 लाख के आसपास श्रद्धालु संगम में डुबकी लगा चुके थे. इसे देखते हुए शाम तक स्नान करने वालों की संख्या एक करोड़ के पार पहुंचने का अनुमान है.