कर्नाटक मेंं एचडी कुमारस्वामी के नेतृत्व वाली जेडीएस (जनता दल-सेकुलर)- कांग्रेस सरकार की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं. कुमारस्वामी सरकार को समर्थन दे रहे दो निर्दलीय विधायकों- एच नागेश और आर शंकर ने मंगलवार को तुरंत प्रभाव से समर्थन वापसी का ऐलान कर दिया है.

ख़बरों के मुताबिक सिर्फ़ ये दो ही नहीं कांग्रेस के भी कम से कम पांच विधायकों का अब तक कोई पता नहीं चला है. इनसे सरकार के रणनीतिकारों और संकटमोचकों का संपर्क नहीं हो पा रहा है. इससे पहले सरकार के संकटमोचकों में से एक और प्रदेश के वरिष्ठ मंत्री डीके शिवकुमार ने आरोप लगाया था कि ‘तीन कांग्रेसी विधायक मुंबई में भारतीय जनता पार्टी के नेताओं के संपर्क में हैं. जेडीएस-कांग्रेस सरकार गिरने के लिए भाजपा विधायकों की ख़रीद-फ़रोख़्त में लगी है.’

मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने भी कहा था, ‘भाजपा आॅपरेशन-कमल के तहत मेरी सरकार गिराने की कोशिश कर रही है. लेकिन मैं इससे निपट लूंगा. मेरी सरकार की स्थिरता को कोई ख़तरा नहीं है.’ वहीं भाजपा की ओर से भी ऐसे आरोप लगाए गए थे कि जेडीएस नेता कुमारस्वामी और कांग्रेस के रणनीतिकार भाजपा विधायकों को तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं. इसके बाद भाजपा के 104 विधायक हरियाणा के गुरुग्राम (गुड़गांव) स्थित एक होटल लाकर ठहरा दिए गए थे.

बता दें कि 224 सदस्यों वाली कर्नाटक विधानसभा में भाजपा के 104 विधायक हैं. वह पिछले साल चुनाव के बाद सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी. उसने सरकार बनाने की कोशिश भी की. लेकिन जेडीएस-कांग्रेस ने मिलकर उसका खेल बिगाड़ दिया. जेडीएस के 37 और कांग्रेस के 79 विधायक हैं. कुछ निर्दलीयों, बहुजन समाज पार्टी और अन्य का भी समर्थन इस गठबंधन को मिला. इस तरह कुमारस्वामी मुख्यमंत्री बन गए. लेकिन अब उनकी कुर्सी ख़तरे में दिख रही है.