भारतीय वायु सेना (आईएएफ) तेजस लड़ाकू विमान के लिए नए पायलटों को प्रशिक्षण नहीं दे पा रही है. इसके लिए जिन प्रशिक्षक विमानों की मांग उसने की थी, उनकी आपूर्ति अभी तक नहीं हुई है. आईएएफ के पास इस समय 11 तेजस विमान हैं. इन्हें हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) ने तैयार किया है. इस साल मार्च तक पांच और तेजस विमान वायु सेना को मिल जाएंगे. लेकिन उसके पायलट इस विमान को चला नहीं सकते, क्योंकि उन्हें अभी तक इसे चलाने का प्रशिक्षण नहीं मिला है. इसकी वजह है प्रशिक्षण के लिए दो सीट वाले एयरक्राफ्ट का न होना.

हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक वायु सेना को एक सीट वाले तेजस लड़ाकू विमानों की आपूर्ति हो रही है, लेकिन इसके प्रशिक्षण के लिए दो सीट वाले विमान की आपूर्ति 2021 से पहले होने की उम्मीद नहीं है. अखबार के मुताबिक रक्षा मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम नहीं बताने की शर्त पर यह जानकारी दी है. रिपोर्ट में अधिकारी के हवाले से कहा गया है, ‘प्रशिक्षक विमानों के निर्माण की प्रक्रिया अभी शुरू नहीं हुई है.’

इस स्थिति पर मंत्रालय के एक और अधिकारी ने कहा कि पायलटों का प्रशिक्षण नकली विमानों और कुछ कथित ‘इंस्ट्रमेंटेड एयरक्राफ्ट’ तक सीमित है. आईएएफ के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इंस्ट्रमेंटेड एयरक्राफ्ट उच्च स्तर वाले विमान की तरह नहीं होते. ये विमान की प्राथमिक अवस्था (या मूलरूप) वाले एयरक्राफ्ट होते हैं जिन्हें उड़ाने के लिए खास तरह के हुनर की जरूरत होती है. अधिकारी ने कहा, ‘इसे केवल विमान के टेस्ट के लिए इस्तेमाल किया जाता है. नए पायलटों को इनमें प्रशिक्षण देना मुश्किल है.’

समस्याएं और भी हैं. वायु सेना के एक वरिष्ठ टेस्ट पायलट ने नाम नहीं जाहिर करने की शर्त पर बताया, ‘पायलटों को प्रशिक्षण के लिए (तमिलनाडु के) सुलुर से बेंगलुरु (कर्नाटक) आना-जाना पड़ेगा. तेजस का दस्ता वहीं है. इंस्ट्रमेंटेड एयरक्राफ्ट और नकली विमान दोनों बेंगलुरु में हैं. वे डीआरडीओ की संपत्ति हैं और आईएएफ विमान का इस्तेमाल तभी कर सकता है जब डीआरडीओ उनका इस्तेमाल न कर रहा हो.’

उधर, एचएएल के अधिकारी भी तेजस विमान के लिए प्रशिक्षक विमान नहीं होने की पुष्टि करते हैं. उनका कहना है कि विमान के डिजाइन अभी तय होने हैं ताकि प्रशिक्षकों को तैयार किया जा सके. एक अधिकारी ने कहा, ‘हम वायु सेना की समस्या समझते हैं और उम्मीद करते हैं कि जल्दी ही इसका हल निकाल लिया जाएगा.’