केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) का एक और मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है. एजेंसी के अंतरिम निदेशक बनाए गए एम नागेश्वर राव की नियुक्ति को एक स्वयंसेवी संगठन (एनजीओ) ने चुनौती दी है. एनजीओ ‘कॉमन कॉज़’ ने शीर्ष अदालत में याचिका दायर की है. इस पर अगले सप्ताह सुनवाई होने वाली है.

समाचार एजेंसी भाषा के अनुसार बुधवर को मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई और न्यायाधीश एनएल राव तथा एसके कौल की बेंच के सामने इस मामले का तत्काल सुनवाई के लिए उल्लेख किया गया. अदालत से इसकी सुनवाई शुक्रवार को करने का अनुरोध किया गया. लेकिन बेंच ने यह अनुरोध ख़ारिज़ कर दिया. साथ ही याचिका पर सुनवाई अगले सप्ताह तय कर दी.

ग़ौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली उच्चाधिकार प्राप्त चयन समिति ने 10 जनवरी को सीबीआई निदेशक पद से आलोक वर्मा को हटा दिया था. उनके ख़िलाफ़ भ्रष्टाचार और कर्तव्य के प्रति लापरवाही के आरोप सही पाए गए थे. इसके बाद एजेंसी के अगले प्रमुख की नियुक्ति होने तक एम नागेश्वर राव को अंतरिम निदेशक बना दिया गया था.

इसके ख़िलाफ़ दायर याचिका में बताया गया है कि बीते साल 23 अक्टूबर को जब सरकार ने आलोक वर्मा को जबरन छुट्‌टी पर भेजा था, तभी नागेश्वर राव को चयन समिति की बैठक के बिना अंतरिम निदेशक बना दिया गया था. इस नियुक्ति को शीर्ष अदालत ने इस साल आठ जनवरी को रद्द कर दिया और वर्मा को उनके पद बहाल कर दिया. लेकिन सरकार ने मनमानी करते हुए न सिर्फ़ वर्मा को हटाया बल्कि नागेश्वर राव को फिर अंतरिम निदेशक बना दिया. यह न सिर्फ़ तय प्रक्रिया बल्कि कानून का भी उल्लंघन है.