पोंगल के मौके पर तमिलनाडु में खेले जाने वाले पारंपरिक खेल जल्लीकट्टू के दौरान घायलों की संख्या बढ़कर 57 हो गई है. खबरों के मुताबिक बुधवार को मदुरै में इसके आयोजन के दौरान 19 लोग घायल हो गए. घायलों में सात दर्शक भी शामिल थे.

एक सरकारी अधिकारी के मुताबिक इससे पहले सोमवार को भी ऐसे ही एक आयोजन के दौरान नौ लोगों को चोट लगने के बाद अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था. इधर गुरुवार को मदुरै के आलंगाल्लुर में बड़े स्तर पर इस खेल का आयोजन किया जाएगा. ऐसे में घायलों की संख्या में अभी और इजाफा होने की संभावना जताई जा रही है.

जल्लीकट्टू तमिलनाडु का एक पारंपरिक खेल है. इसमें कुछ लोग भड़के हुए बैलों को काबू करने की कोशिश करते हैं. अगर बैल गुस्से में न हो तो उसे गुस्सा भी दिलाया जाता है. बैलों की सींग व पूंछ पकड़कर उसे को काबू करने वालों को कार से लेकर सोने के सिक्के व कई दूसरी चीजें ईनाम के तौर पर दी जाती हैं.

साल 2014 में इस खेल के दौरान ‘पशुओं के साथ क्रूरता’ का तर्क देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने इसके आयोजन पर प्रतिबंध लगा दिया था. तब शीर्ष अदालत के आदेश के विरोध में राज्य के विभिन्न हिस्सों में प्रदर्शन हुए थे. इसके बाद तमिलनाडु सरकार ने 2017 में एक अध्यादेश पारित करके इस खेल को दोबारा शुरू करने की इजाजत दी थी.