एक तरफ़ गुजरात के गिर में एशियाई सिंहों की किसी न किसी वज़ह से मौत होने की ख़बरें आ रही हैं. इसके बाद अब देश के राष्ट्रीय पशु ‘बाघ’ के बारे में भी इस तरह चिंताजनक जानकारी सामने आई है. वह भी केंद्रीय पर्यावरण एवं वन मंत्रालय के तहत आने वाले वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (डब्ल्यूसीसीबी) के हवाले से.

समाचार एजेंसी भाषा के मुताबिक एक आरटीआई (सूचना के अधिकार कानून) आवेदन के जवाब में ब्यूरो ने बताया है कि देशभर में बीते 10 साल में 429 बाघ शिकारियों के हाथों मारे गए हैं. इसमें भी बाघ के शिकार के सबसे ज्यादा 71 मामले मध्य प्रदेश में सामने आए हैं, जिसे कुछ पहले तक ‘टाइगर स्टेट’ का दर्ज़ा मिला हुआ था. क्योंकि बाघ संरक्षण के क्षेत्र में इस प्रदेश का प्रदर्शन बेहतर था. डब्ल्यूसीसीबी ने बताया कि 2018 में 22 बाघों का शिकार किया गया. जबकि 2017 में 25 और 2016 में 48 बाघों का शिकार हुआ. इसमें यह भी बताया गया कि सबसे ज्यादा 2011 में 80 बाघों का शिकार किया गया. जबकि बाघ शिकार की सबसे कम 17 घटनाएं 2015 में हुईं.