चीन इस्लाम का चीनीकरण करने की योजना बना रहा है. बीबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक इस पंचवर्षीय योजना का मकसद देश में अल्पसंख्यक मुसलमानों पर नियंत्रण मजबूत करना है. इस्लाम के चीनीकरण का मतलब है इसे चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के विचारों के अनुरूप करना. रिपोर्ट के मुताबिक 2015 में इसे लेकर राष्ट्रपति शी जिनपिंग की जोरदार अपील के बाद कम्युनिस्ट पार्टी की एक इकाई इस्लाम, ईसाइयत और बौद्ध जैसे बाहर से आए धर्मों के चीनीकरण के लिए काम कर रही है. इस इकाई का नाम है यूनाईटेड फ्रंट वर्क डिपार्टमेंट. यह इकाई ​देश में अस्थिरता पैदा करने वाले कारणों की पहचान करके उनका हल खोजती है.

इस्लाम के चीनीकरण की यह नई योजना चीन के लिए अंतरराष्ट्रीय आलोचना और जांच का सबब बन सकती है. यह खबर ऐसे समय में आई है जब वहां के शिनजियांग प्रांत में ​लाखों उइगुर मुसलमानों को अलग शिविरों में रखे जाने की रिपोर्टें आई हैं. शिनजियांग एक स्वायत्त क्षेत्र है जो चीन के पश्चिमी हिस्से में मध्य एशिया की सीमा पर है. एक करोड़ की उइगर मुसलमानों की आबादी वाला यह प्रांत 1949 में कुछ समय के लिए एक अलग राष्ट्र (पूर्वी तुर्किस्तान) बना था लेकिन उसी साल चीन ने उसे अपना हिस्सा बना लिया. 1990 के बाद से यहां के मुस्लिम एक अलग राष्ट्र की मांग को लेकर संघर्ष कर रहे हैं जिसमें हजारों लोग मारे जा चुके हैं.