भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी (इसरो) अपने ‘गगनयान’ का परीक्षण किसी जानवर पर नहीं करेगी. इसके लिए मानव रोबोट का प्रयोग किया जाएगा. इसरो प्रमुख के शिवन ने द टाइम्स ऑफ इंडिया से बात करते हुए कहा कि मानव रोबोट पूरी तरह से तैयार है. उन्होंने यह भी कहा, ‘ये मिशन हमारे लिए सिर्फ अपनी क्षमता दिखाने का मौका भर नहीं है. हमारा लक्ष्य अंतरिक्ष यात्रियों को भेजने के साथ ही उन्हें सुरक्षित वापस लाना भी है.’

गगनयान मिशन के तहत इसरो की 2022 तक भारतीय यात्रियों को अंतरिक्ष में भेजने की योजना है. इसरो प्रमुख ने बताया, ‘हमारा रोबोट वह सब करने में सक्षम है जो एक आदमी कर सकता है, हालांकि उसके जितना बड़े पैमाने पर नहीं. हम चाहते हैं कि हमारी पहली उड़ान खाली न जाए और इस अवसर का हम पूरा उपयोग करेंगे. हम इसके लिए अपने विकसित किए गए मानव रोबोट का इस्तेमाल करेंगे.’

के शिवन ने आगे बताया कि गगनयान का डिजायन अगले हफ्ते तक बनकर तैयार हो जाएगा. उन्होंने कहा, ‘हमने एक या उससे ज्यादा सब-सिस्टम पर ध्यान केंद्रित करने के लिए 11 संकल्पना समीक्षा समितियां बनाई हैं. सभी ने अपना रिव्यू पूरा कर लिया है और हम पहले ही एक एकीकृत समिति की बैठक कर चुके हैं. अगले हफ्ते तक इसका डिजायन फाइनल हो जाएगा.’

गगनयान की तैयारी में इसरो 10 अलग-अलग तरह के महत्वपूर्ण टेस्ट कर रहा है. इनमें मेडिकल उपकरणों के साथ माइक्रोबायॉलजी से संबंधी टेस्ट, एयर फिल्टर और बायोसेंसर और बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट और जहरीली गैसों की निगरानी जैसे टेस्ट शामिल हैं. केंद्र सरकार ने इस परियोजना के लिए 10,000 करोड़ रुपये जारी किए हैं.