कर्नाटक में चल रही सियासी हलचल पर भारतीय जनता पार्टी ने अपनी तरफ़ से विराम लगाने की कोशिश की है. पार्टी विधायक दल के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येद्दियुरप्पा ने कहा है, ‘जेडीएस (जनता दल-सेकुलर)-कांग्रेस को चिंता करने की ज़रूरत नहीं है. हम उनकी सरकार नहीं गिराएंगे. हमारे सभी विधायक दिल्ली से बेंगलुरू लौट रहे हैं.’

येद्दियुरप्पा ने यह भी कहा, ‘हम अब राज्य का दौरा करेंगे और सूखे की स्थिति जायज़ा लेंगे.’ समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में येद्दियुरपा ने यह बात कही है. उनका यह बयान उन ख़बरों के मद्देनज़र अहम है जिनमें कहा जा रहा था कि भाजपा ‘ऑपरेशन कमल’ के तहत राज्य की जेडीएस-कांग्रेस काे गिराने की कोशिश कर रही है. इसके लिए दोनों दलाें के कुछ विधायकों से इस्तीफ़ा दिलाया जा सकता है. इसके बाद शुक्रवार को चार कांग्रेसी विधायक पार्टी विधायक दल की बैठक से नदारद भी रहे.

जो विधायक इस बैठक में नहीं आए, उनमें पूर्व मंत्री रमेश जरकीहोली, बी नागेंद्र, उमेश जाधव और महेश कुमताहल्ली शामिल थे. इसके बाद कांग्रेस ने अपने बचे 75 विधायकों को बेंगलुरू के बाहर स्थित ईगलटन रिज़ॉर्ट पहुंचा दिया था. यह रिज़ॉर्ट राज्य सरकार के एक अन्य कद्दावर मंत्री डीके शिवकुमार का है, जिन्होंने पिछले साल भी ऐसी ही परिस्थितियाें में जेडीएस-कांग्रेस सरकार के गठन में मुख्य भूमिका निभाई थी. इन ख़बरों से ऐसी अटकलों को बल मिला कि राज्य सरकार को ख़तरा है.

वैसे इन अटकलों को येद्दियुरप्पा ने भले अपनी तरफ़ से विराम देने की कोशिश की हो लेकिन कांग्रेस के असंतुष्ट रमेश जरकीहोली की ओर से अब तक सुलह के कोई संकेत नहीं मिले हैं. बीते साल दिसंबर में राज्य मंत्रिमंडल के फेरबदल के दौरान उन्हें मंत्री पद से हटा दिया गया था. उनकी जगह उनके छोटे भाई सतीश जरकीहोली को मंत्री बना दिया गया. वे तभी से नाराज़ चल रहे हैं. उनके बारे में कहा जा रहा है कि वे अपने समर्थकों के साथ कांग्रेस से इस्तीफ़ा दे सकते हैं.