प्रयागराज में कुंभ से उत्तर प्रदेश सरकार को 1,200 अरब रुपये का राजस्व मिलने की उम्मीद है. भारतीय उद्योग परिसंघ यानी सीआईआई के मुताबिक पड़ोस के राज्यों राजस्थान, उत्तराखंड, पंजाब और हिमाचल प्रदेश को भी इसका फायदा होगा. इसकी वजह यह है कि कुंभ में शामिल होने वाले पर्यटक इन राज्यों के पर्यटन स्थलों पर भी जा सकते हैं. सीआईआई ने अपने एक अध्ययन में कहा है कि कुंभ मेले के आयोजन से जुड़े कार्यों के चलते छह लाख से ज्यादा कामगारों को रोजगार भी मिलेगा. दुनिया का यह सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन अपनी आध्यात्मिकता और विलक्षणता के लिए प्रसिद्ध है. इस बार कुंभ मेले में करीब 15 करोड़ लोगों के आने की संभावना है. उत्तर प्रदेश सरकार ने 50 दिन तक चलने वाले इस मेले के आयोजन के लिए 4,200 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं. यह वर्ष 2013 में आयोजित हुए महाकुंभ के बजट का तीन गुना है.