प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्षी दलों की एकजुटता को फिर से निशाने पर लिया है. रविवार को उन्होंने महाराष्ट्र और गोवा के बूथ कार्यकर्ताओं को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने विपक्षी एकजुटता को नकारात्मकता और भ्रष्टाचार का महागठबंधन करार दिया. प्रधानमंत्री के इस बयान को आज के अधिकतर अखबारों ने पहले पन्ने पर जगह दी है. उन्होंने कहा, ‘विपक्षी दलों के पास धनशक्ति है और भाजपा के पास जनशक्ति है.’ साथ ही उन्होंने कहा कि विपक्ष आम चुनाव में हार के डर से ईवीएम में छेड़छाड़ जैसे बहाने बना रहा है.

केंद्रीय नौकरियों में एक फरवरी से सामान्य आरक्षण लागू

केंद्र सरकार की नौकरियों में सामान्य आरक्षण एक फरवरी से लागू हो जाएगा. अमर उजाला में प्रकाशित खबर के मुताबिक कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) ने इस संबंध में अधिसूचना जारी की है. इसके तहत सभी मंत्रालयों और विभागों को भेजे गए पत्र में आरक्षण के प्रावधानों की जानकारी तय गई है. बताया जाता है कि सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में सामान्य आरक्षण का लाभार्थी वही परिवार होगा, जिनकी सालाना आय आठ लाख रुपये से कम होगी. इसके अलावा किसानों के पास पांच एकड़ से कम खेती की जमीन होनी चाहिए. दूसरी ओर, शहर में 1,000 वर्गफीट से कम का फ्लैट और 100 वर्ग यार्ड से कम का रिहायशी फ्लैट होगा. केंद्र सरकार से पहले गुजरात, झारखंड और उत्तर प्रदेश में सामान्य आरक्षण को लागू कर दिया गया है.

मध्य प्रदेश : भाजपा नेता की हत्या पर शिवराज सिंह चौहान ने आंदोलन की चेतावनी दी

केरल, पश्चिम बंगाल और त्रिपुरा के बाद अब मध्य प्रदेश में राजनीतिक हत्या का मामला गरमाता जा रहा है. नवभारत टाइम्स की खबर के मुताबिक रविवार को बड़वानी में भाजपा नेता मनोज ठाकरे की हत्या कर दी गई. इस घटना पर राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कमलनाथ सरकार को चेतावनी दी है. उनका कहना है कि अगर अपराधी जल्दी नहीं पकड़े गए तो भाजपा सड़क पर उतरकर आंदोलन करेगी. साथ ही, उन्होंने इसकी सीबीआई जांच की भी मांग की है. शिवराज सिंह चौहान ने कहा, ‘कांग्रेस बदलाव की बात करती थी लेकिन यह बदलाव क्या है? कानून और व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है.’ वहीं, सरकार के मंत्री बाला बच्चन ने इस मामले में मृतक के किसी करीबी के शामिल होने की आशंका जाहिर की है.

11,000 करोड़ रुपये की कोयला परियोजनाओं में देरी, चालू वित्तीय वर्ष में आयात 6.7 फीसदी बढ़ा

देश में करीब 11,000 करोड़ रुपये की कोयला परियोजनाओं में देरी को लेकर केंद्र सरकार ने कोल इंडिया और एनएलसी इंडिया से रिपोर्ट तलब की है. हिन्दुस्तान ने आधिकारिक सूत्रों के हवाले से कहा है कि इन परियोजनाओं में देरी का मुद्दा एक समीक्षा बैठक में उठाया गया था. बताया जाता है कि चालू वित्तीय वर्ष (2018-19) की पहली तीन तिमाही यानी अप्रैल से लेकर दिसंबर तक कोयला आयात 6.7 फीसदी बढ़कर 17.18 करोड़ टन हो गया है. बीते वित्तीय वर्ष के समान अवधि में यह आंकड़ा 16.1 करोड़ टन था. बताया जाता है कि यह बढ़ोतरी ऐसे वक्त में हुई है जब सरकार कोल इंडिया द्वारा एक अरब टन कोयला उत्पादन के लक्ष्य को पाने की समय-सीमा में ढील देने पर विचार कर रही है.