स्वराज इंडिया पार्टी के अध्यक्ष योगेंद्र यादव ने विपक्षी महागठबंधन पर तमाम सवाल उठाए हैं. इस महागठबंधन की कोलकाता में हुई रैली पर प्रतिक्रिया देते हुए योगेंद्र यादव ने कहा, ‘जमावड़ा बहुत बड़ा था. लेकिन विचारधारा कहां है? आपका (विपक्ष का) एजेंडा क्या है? इस पर तो कोई बात ही नहीं हुई. आपने किसानों की समस्याओं पर कोई बात नहीं की और न ही बेरोज़ग़ारी पर. मैं मानता हूं कि इस गठबंधन के पास दृष्टि की कमी है.’

योगेंद्र यादव ने कहा, ‘वे लोग (विपक्षी नेता) कहते हैं कि नरेंद्र मोदी अलोकतांत्रिक हैं. लेकिन ममता बनर्जी (पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री) के बारे में क्या कहा जाए? उन्होंने भी अपने राज्य में शांतिपूर्ण तरीके से पंचायत चुनाव नहीं होने दिए. विपक्ष को उन्होंने एक भी रैली आयोजित करने की अनुमति नहीं दी. वे अपने राज्य में सड़कछाप तरीके की कार्रवाईयों को बढ़ावा देती दिख रही हैं. और शरद पवार, अखिलेश यादव तथा मायावती? ये सब देश को भ्रष्टाचार से बचाने, मुक्त करने का दावा कर रहे हैं. यह ही अपने आप में सबसे बड़ा मज़ाक है. यह महागठबंधन खोख़ले लोगों के जमावड़े के अलावा कुछ नहीं.’

योगेंद्र यादव के मुताबिक इस वक़्त राष्ट्रीय राजनीति ख़तरे में है. उसे विपक्ष की नहीं बल्कि वैकल्पिक सरकार की ज़्यादा ज़रूरत है. ग़ौरतलब है कि इसी शनिवार को कोलकाता में ममता बनर्जी के आह्वान पर विपक्षी दलों की महारैली हुई थी. इसे ‘यूनाइटेड इंडिया’ रैली का नाम दिया गया था. इस रैली में कांग्रेस, बीजू जनता दल और तेलंगाना राष्ट्र समित जैसी कुछ पार्टियों को छोड़कर लगभग सभी विपक्षी दलों ने हिस्सा लिया था. हालांकि कांग्रेस ने इस रैली को मौख़िक समर्थन दिया था.