टेनिस की दुनिया पर पिछले लगभग एक दशक से रोजर फेडरर, राफेल नडाल और नोवाक जोकोविच की तिकड़ी का दबदबा कायम है. इस तिकड़ी के बीच में कभी- कभी आकर एंडी मरे इसे चतुष्कोणीय बनाते रहे. टेनिस के जानकार इनके दबदबे के इस समीकरण को बिग फोर कहते हैं. लेकिन साल की शुरुआत में ही यह सवाल फिर उठ खड़ा हुआ है कि क्या 2019 टेनिस कोर्ट पर फेडरर, नडाल और जोकोविच का दबदबा के खत्म होने का भी साल होगा. यह सवाल उठा है ऑस्ट्रेलियन ओपन के प्री-क्वार्टर फाइनल में टेनिस की दुनिया के सबसे बड़े सितारे रोजर फेडरर की हार के बाद. ग्रीस के स्टेफानो स्तीपास ने बीते रविवार को एक लंबे मुकाबले में फेडरर को 6-7 (11), 7-6 (3), 7-5, 7-6 (5) से हराया.

ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट्स में ऐसे उलटफेर होते रहते हैं. लेकिन ऑस्ट्रेलियन ओपन में रोजर फेडरर की इस हार को टेनिस जगत के दिग्गज कुछ अलग तरीके से देख रहे हैं. महज 20 साल के स्तीपास से फेडरर की यह हार सही मायनों में इतिहास को दोहराने जैसी है. 18 साल पहले विंबलडन के एक ऐसे ही मुकाबले में रोजर फेडरर ने तबके दिग्गज खिलाड़ी पीट सम्प्रास को हराकर अपनी आमद दर्ज कराई थी. रोजर फेडरर उस जीत के साथ उभरे और फिर ग्रैंड स्लैम की दुनिया में उनकी बादशाहत कायम हो गई. जीत का प्रतीक बन गए फेडरर को चुनौती देते सिर्फ राफेल नडाल नज़र आये. फिर कुछ वक्त के बाद नोवाक जोकोविच ने इस मुकाबले को त्रिकोणीय कर दिया.

हालांकि बीच-बीचे में ब्रिटेन के एंडी मरे ने इस समीकरण को चतुष्कोणीय भी बनाया लेकिन, मोटे तौर पर टेनिस की दुनिया इन तीनों के बीच ही नज़र आई. टेनिस में फेडरर, नडाल और जोकोविच की तिकड़ी का दबदबा किस कदर रहा, इसका अंदाज़ा कुछ आंकड़े देते हैं. 2003 के बाद हुए 62 ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट में से 51 इन्हीं तीनों ने जीते हैं. रोजर फेडरर 20, राफेल नडाल 17 और नोवाक जोकोविच 14 ग्रैंड स्लैम अपनी झोली में डाल चुके हैं.

20 साल के स्तीपास के हाथों रोजर फेडरर की हार के बाद टेनिस के महान दिग्गज जॉन मैकनरो ने कहा भी यह ‘चेंज ऑफ गॉर्ड’ का वक़्त है. दुनिया भर ने फेडरर की हार को विश्लेषित करते हुए कहा कि सैम्प्रास से जो मशाल फेडरर ने ली थी उसे नए खिलाड़ियों को देने का वक़्त आ गया है. जॉन मैकनरो ने ऑस्ट्रेलियन ओपन की शुरुआत से पहले भी कहा था कि यह साल टेनिस की दुनिया से ‘बिग थ्री’ के दबदबे के टूटने का साल होगा.

लेकिन क्या महज एक बड़े उलटफेर के बाद ऐसा कहना ठीक है. उलटफेर पहले भी होते ही रहे हैं. लेकिन बिग थ्री का दबदबा टूटने की कगार पर है ,अब ऐसा कहने की ठोस वजह है. फेडरर 37 साल के हो रहे हैं और स्तीपास के साथ मैच में दिखा भी कि उम्र उन पर हावी हो रही है. उनके अलावा रफाल नडाल और जोकोविच भी 30 से ऊपर हैं. जॉन मैकनरो ने एक टीवी बातचीत में यह भी कहा कि खेल जिस तरह से लगातार शारीरिक ताकत पर केंद्रित होता जा रहा है, उसमें अब इन उम्रदराज दिग्गजों को मुश्किल आने वाली है.

हालांकि यह दिग्गज तिकड़ी आसानी से इस बात को स्वीकार नहीं करती दिखती. रफाल नडाल ने पिछले साल इस तिकड़ी के दबदबे पर कहा था, ‘या तो हम तीनों विशेष खिलाड़ी हैं या आने वाले खिलाड़ी उतने अच्छे नहीं हैं.’ फेडरर से भी ताजा हार के बाद जब मैकनरो के बिग थ्री का जलवा खत्म होने और चेंज आफ गार्ड जैसी बात के बारे में पूछा गया तो उन्होंने मुस्कराते हुए कहा, ‘यह बात हर साल दोहराई जाती है.’ लेकिन उम्र का असर होने की बात को फेडरर भी स्वीकार करते हैं.

कुल मिलाकर रोज फेडरर, राफेल नडाल और नोवाक जोकोविच एकाएक परिदृश्य से बाहर हो जाएंगे, ऐसा भले न हो लेकिन टेनिस के विशिष्ट वर्ग में अब नए चेहरों की आमद तय दिखती है.