पिछले वित्तीय वर्ष में राज्य सकल घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) में वृद्धि के मामले में बिहार ने सभी गैर-विशेष राज्यों को पीछे छोड़ दिया. टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक क्रिसिल नामक रेटिंग एजेंसी की सूची में वह अपनी जीएसडीपी में 11.3 प्रतिशत के विस्तार के साथ पहले स्थान पर रहा. उसके बाद आंध्र प्रदेश और गुजरात का नंबर आता है. बिहार के अलावा पश्चिम बंगाल भी उन शीर्ष राज्यों में शामिल है जिनके जीएसडीपी का वित्तीय वर्ष 2018 में उल्लेखनीय विस्तार हुआ है. खबर के मुताबिक पश्चिम बंगाल का जीएसडीपी पहले के 4.8 प्रतिशत के मुकाबले 2018 में 9.1 प्रतिशत बढ़ गया.

एजेंसी ने केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय के डेटा के आधार पर उन 17 राज्यों की सूची तैयार की है जिन्हें विशेष राज्य का दर्जा प्राप्त नहीं है. उसने अलग-अलग मानदंडों के तहत आकलन कर इन राज्यों को सूची में जगह दी है. बीते साल देश की जीडीपी की गति सुस्त रही. इसके बावजूद 17 में से 12 गैर-विशेष राज्यों ने पिछले पांच सालों की तुलना में 2018 में तेजी से वृद्धि की है. वहीं, वृद्धि, महंगाई और राजकोषीय घाटे के लिहाज से देखें तो गुजरात और कर्नाटक तीन शीर्ष राज्यों में शामिल रहे. इस मामले में झारखंड, केरल और पंजाब का प्रदर्शन सबसे खराब रहा.