टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली के नाम एक और उपलब्धि दर्ज हो गई है. उन्होंने 2018 के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के व्यक्तिगत स्तर के सभी खिताबों को अपने नाम कर लिया है. इस खबर को आज के अधिकतर अखबारों ने पहले पन्ने पर जगह दी है. इनमें उन्हें क्रिकेटर ऑफ द ईयर के साथ टेस्ट और वनडे में भी साल के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी होने का सम्मान है. साथ ही, विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत को बीते साल के उभरते हुए खिलाड़ी का पुरस्कार मिला है.

राष्ट्रपति के पद पर डोनाल्ड ट्रंप के 8,158 बार झूठे या गुमराह करने वाले दावे

डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका के राष्ट्रपति बनने के बाद 8,158 बार झूठे या गुमराह करने वाले दावे कर चुके हैं. जनसत्ता ने वॉशिंगटन पोस्ट के हवाले से कहा है कि राष्ट्रपति ने अपने कार्यकाल के पहले साल प्रत्येक दिन औसतन छह बार इस तरह के दावे किए. वहीं, दूसरे वर्ष में उनके लिए यह आंकड़ा करीब तीन गुना बढ़कर 17 तक पहुंच गया. वॉशिंटन पोस्ट ने अपनी रिपोर्ट में फैक्ट चेकर के आंकड़ों का हवाला दिया है. यह राष्ट्रपति द्वारा दिए गए प्रत्येक संदिग्ध बयान का विश्लेषण, वर्गीकरण और पता लगाने का काम करता है. बताया जाता है कि डोनाल्ड ट्रंप ने इनमें सबसे अधिक 1433 गुमराह करने वाले दावे आव्रजन को लेकर किए हैं. साथ ही, उन्होंने अपने दो साल के कार्यकाल में केवल 82 दिन ही कोई दावा नहीं किया है. इसमें अधिकतर वह समय है जिसमें वे गोल्फ खेलने में व्यस्त थे.

केवल प्रताड़ना के आरोपों के आधार पर खुदकुशी के लिए उकसाने का मामला नहीं बनता है : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने खुदकुशी के मामलों में एक अहम फैसला सुनाया है. एक मामले की सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने साफ किया है कि खुदकुशी के लिए उकसाने का मामला तब तक नहीं बनेगा, जब तक आरोपित के उकसावे में कोई सीधी भूमिका न हो. साथ ही, शीर्ष न्यायपालिका ने घटना के वक्त आरोपित के व्यवहार को अहम माना है. नवभारत टाइम्स में प्रकाशित खबर के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया है कि केवल प्रताड़ना के आरोपों के आधार पर खुदकुशी के लिए उकसाने का मामला नहीं टिकता है. शीर्ष अदालत की मानें तो आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला इसके दायरे में उस स्थिति में ही आएगा, जब आरोपित ने इसके लिए सक्रिय भूमिका निभाई हो.

किसानों को प्रति एकड़ 12,000 रुपये सालाना देने की तैयारी

मोदी सरकार आम चुनाव से पहले किसानों की नाराजगी दूर करने की कोशिशों में दिख रही है. अमर उजाला ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि इसके तहत किसानों को प्रति एकड़ 12,000 रुपये सालाना देने की तैयारी है. इसके लिए सवा लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किए जाने की बात भी कही गई है. माना जा रहा है कि इसका एलान एक फरवरी को पेश होने वाले अंतरिम बजट से पहले भी किया जा सकता है. इस बारे में अखबार को सूत्रों ने बताया कि वित्त और कृषि मंत्रालयों की सिफारिश पर नीति आयोग ने इस प्रस्ताव की तैयारी की है.