‘बधाई प्रियंका, मैं तुम्हारी जिंदगी के हर कदम पर तुम्हारे साथ हूं.’  

— रॉबर्ट वॉड्रा, प्रियंका गांधी वॉड्रा के पति

रॉबर्ट वॉड्रा ने यह बात फेसबुक की एक पोस्ट के जरिये अपनी पत्नी को बधाई देते हुए कही है. इस संक्षिप्त पोस्ट में रॉबर्ट वॉड्रा ने प्रियंका से यह भी कहा है कि वे इस जिम्मेदारी को अपनी तरफ से सबसे अच्छे तरीके से निभाएं.

‘कांग्रेस हमेशा से एक ही परिवार की पार्टी रही है.’  

— नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री

नरेंद्र मोदी ने यह बात महाराष्ट्र के बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए प्रियंका गांधी का नाम लिए बिना कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कही. इसके साथ ही उन्होंने आगे कहा, ‘भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की रगों में लोकतंत्र दौड़ता है. इसीलिए भाजपा में पार्टी को ही परिवार कहा जाता है जबकि दूसरे दलों में परिवार से पार्टी बनती है.’


‘प्रियंका गांधी का सक्रिय राजनीति में प्रवेश करना भारतीय राजनीति के एक लंबे इंतजार के खत्म होने जैसा है.’  

— प्रशांत किशोर, जनता दल यूनाइटेड के नेता

प्रशांत किशोर ने यह बात एक ट्वीट के जरिये कही है. इसी ट्वीट में उन्होंने आगे लिखा है, ‘राजनीति में प्रवेश को लेकर लोग प्रियंका गांधी की भूमिका और वक्त पर चर्चा भी करेंगे. लेकिन मेरे लिए असली खबर यही है कि वे राजनीति में आ गई हैं.’ प्रशांत किशोर ने इसके लिए प्रियंका गांधी को अपनी तरफ से शुभकामनाएं भी दी हैं.


‘प्रियंका के सक्रिय राजनीति में उतरने से अब हम फ्रंट फुट पर खेलेंगे.’  

— राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष

राहुल गांधी ने यह बात अमेठी में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कही. उन्होंने कहा प्रियंका एक मजबूत नेता हैं. उनकी वजह से उत्तर प्रदेश में ‘सकारात्मक’ बदलाव आएगा. राहुल गांधी का यह भी कहना था कि ​कांग्रेस को समाजवादी पार्टी व बहुजन समाज पार्टी के गठबंधन से कोई दिक्कत नहीं है और भविष्य में जरूरत पड़ने पर पार्टी गठबंधन के साथ आने को तैयार है.


‘प्रियंका गांधी का सक्रिय राजनीति में प्रवेश राहुल गांधी की विफलता साबित करता है.’  

— हरसिमरत कौर बादल, शिरोममणि अकाली दल की नेता

हरसिमरत कौर बादल ने यह बात कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कही. उन्होंने कहा ‘विपक्षी दलों का महागठबंधन कांग्रेस के साथ कोई गठजोड़ नहीं करना चा​हता. इसीलिए उन्होंने अब अपनी बहन का सहारा लिया है.’ हरसिमरत कौर बादल ने प्रियंका गांधी के राजनीति में प्रवेश को उत्तर प्रदेश में राहुल व सोनिया गांधी की सीटें बचाने के लिए खेला गया कार्ड भी बताया है.