गुजरात सरकार केवल आठ लाख रुपये की आय सीमा को आरक्षण का मानदंड मानते हुए सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर उम्मीदवारों को आरक्षण देगी. बुधवार को उसने घोषणा की कि भूमि और घर के मालिकाना हक संबंधी शर्तों को दस प्रतिशत कोटे में नहीं रखा जाएगा. केवल आय सीमा आरक्षण मिलने के लिए पर्याप्त होगी.

पीटीआई की खबर के मुताबिक अहमदाबाद में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में यह फैसला किया गया है. एजेंसी ने एक आधिकारिक बयान के हवाले से बताया कि राज्य सरकार इस बात पर विचार नहीं करेगी कि 10 प्रतिशत आरक्षण के लिए लाभार्थी के परिवार के पास कितनी कृषि योग्य भूमि या कितना बड़ा घर है. बयान के मुताबिक उम्मीदवार परिवार की वार्षिक आय आठ लाख रुपये से कम होने पर ही आरक्षण का लाभ लेने के योग्य होंगे.

उधर, नई दुनिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक यह आरक्षण केवल उन लोगों को मिलेगा जो 1978 के पहले से गुजरात में रह रहे हैं. रिपोर्ट में बताया गया है कि राज्य सरकार 1978 के बाद दूसरे प्रांतों से आए लोगों को दस प्रतिशत कोटे के तहत आरक्षण नहीं देगी.