भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के रॉकेट पीएसएलवी-सी44 ने देर रात को अंतरिक्ष के लिए उड़ान भरी. श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से यह रॉकेट भारतीय सेना व छात्रों के उपग्रह (क्रमशः) ‘माइक्रोसैट’ और ‘कलामसैट’ लेकर अंतरिक्ष गया है. पीटीआई की खबर के मुताबिक 28 घंटे की उल्टी गिनती के बाद इसरो ने इस साल के अपने पहले मिशन को देर रात 11.37 बजे अंजाम दिया. यह पीएसएलवी की 46वीं उड़ान है.

इसरो ने प्रक्षेपण देर रात किए जाने का कारण बताते हुए कहा कि संगठन की योजना थी कि माइक्रोसैट-आर हर दिन दोपहर 12 बजे के करीब भूमध्य रेखा को पार करे, इसलिए जरूरत के हिसाब से उसके प्रक्षेपण के लिए देर रात का समय तय किया गया. खबर के मुताबिक पीएसएलवी-सी44 ने 740 किलोग्राम वजनी माइक्रोसैट-आर को प्रक्षेपण के करीब 14 मिनट बाद उसकी कक्षा में स्थापित कर दिया. इसके बाद यह 10 सेंटीमीटर के आकार और 1.2 किलोग्राम वजन वाले कलामसैट को और ऊपरी कक्षा में स्थापित करेगा.