अपनी ही पार्टी के साथी विधायक आनंद सिंह पर जानलेवा हमला करने वाले कर्नाटक के कांग्रेसी विधायक जेएन गणेश को अब तक ग़िरफ़्तार नहीं किया जा सका है. दोनों विधायकों के बीच मारपीट की घटना को छह दिन बीत चुके हैं. जेएन गणेश को पकड़ने के लिए राज्य सरकार ने पुलिस को पूरी आज़ादी भी दे रखी है. फिर भी वे अब तक फ़रार ही बताए जाते हैं.

ख़बरों के मुताबिक जेएन गणेश के ख़िलाफ़ मामला दर्ज़ कर लिया गया है. उन्हें भारतीय दंड विधान (आईपीसी) की धारा- 323 (जानबूझकर चोट पहुंचाना), 324 (जानबूझकर ख़तरनाक हथियार से चोट पहुंचाना), 307 (हत्या के प्रयास), 504 (इरादतन शांति भंग करना) और 506 (आपरधिक रूप से डराना-धमकाना) के तहत आरोपित बनाया गया है. कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष दिनेश गुंडूराव ने उन पर त्वरित कार्रवाई करते हुए उन्हें पार्टी से निलंबित कर दिया है. साथ ही उपमुख्यमंत्री जी परमेश्वरा को मामले की जांच सौंपी है. उनकी रिपोर्ट के आधार पर पार्टी का राष्ट्रीय नेतृत्व जेएन गणेश के भविष्य का फ़ैसला करेगा.

ग़ौरतलब है कि कर्नाटक में बीते कुछ समय से अटकलें हैं कि भारतीय जनता पार्टी अपनी तरफ से कांग्रेस के कुछ विधायकों को तोड़ने की कोशिश कर रही है. उन्हें इस्तीफ़ा देने के लिए राज़ी करने का प्रयास कर रही है. इन्हीं ख़बरों के मद्देनज़र कांग्रेस पार्टी ने अपने 75 विधायकों को 18 जनवरी को बेंगलुरु के बाहरी इलाके में स्थित ईगलटन रिज़ॉर्ट में भेज दिया था. अगले दिन यहीं भाजपा के साथ जाने-न जाने के मसले पर गणेश और कांग्रेस के एक अन्य विधायक आनंद सिंह के बीच मारपीट हो गई थी. मारपीट की इस घटना के बाद आनंद सिंह काे अस्पताल में भर्ती करना पड़ा था. उनका अब भी इलाज चल रहा है.

सिंह के परिजनों के हवाले से आई ख़बरों की मानें तो उन्हें बेंगलुरु के शेषाद्रिपुरम स्थित अपोलो अस्पताल से नारायण नेत्रालय में दाख़िल करा दिया गया है. यहां उनकी आंख का ऑपरेशन किया जाएगा. मारपीट की वज़ह से उनकी दाहिनी आंख के नीचे आठ मिलीमीटर का फ्रैक्चर हुआ है. उनके सीने में भी लगातार दर्द बना हुआ है. हालांकि उनकी हालत स्थित बताई जाती है. इस बीच उपमुख्यमंत्री जी परमेश्वरा ने फिर कहा है कि आनंद सिंह पर हमला करने वाले जेएन गणेश को जल्द ग़िरफ़्तार कर लिया जाएगा.