सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने अयोध्या के राम मंदिर-बाबरी मस्जिद विवाद की सुनवाई के लिए नई खंडपीठ का गठन कर दिया है. एनडीटीवी के मुताबिक इस खंडपीठ में दो नए जजों जस्टिस अशोक भूषण और अब्दुल नजीर को शामिल किया गया है. इस खंडपीठ की अगुवाई खुद रंजन गोगोई करेंगे. साथ ही इसके दो अन्य जजों के तौर पर जस्टिस एसए बोवडे और डीवाई चंद्रचूड़ भी इसमें शामिल होंगे.

पांच जजों की यह खंडपीठ अब इसी महीने की 29 तारीख को जन्मभूमि-बाबरी म​स्जिद मामले पर सुनवाई करेगी. इस मामले की पिछली सुनवाई इसी महीने की दस तारीख को हुई थी. तब मुस्लिम पक्षकारों के वकील राजीव धवन ने उस बेंच में जस्टिस यूयू ललित के शामिल होने पर सवाल उठाए थे. उनका कहना था कि जस्टिस ललित उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह सरकार की तरफ से पैरवी कर चुके हैं.

हालांकि राजीव धवन के उस तर्क को वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे ने खारिज किया था. उनका कहना था कि जस्टिस ललित ने जिस मामले में कल्याण सिंह की पैरवी की थी वह इस मामले से पूरी तरह अलग था. इसके बाद जस्टिस ललित ने अयोध्या मामले की सुनवाई करने वाली खंडपीठ से खुद को अलग करने का फैसला किया था. तब रंजन गोगोई ने इस मामले की सुनवाई के लिए नई खंडपीठ के गठन की बात भी कही थी.