साल 2018 जाते-जाते देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति-सुज़ुकी को बड़ा झटका देकर गया है. वित्त वर्ष 2018-19 की आख़िरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर 2018) के दौरान कंपनी के मुनाफ़े में 17.2 फीसदी की बड़ी गिरावट दर्ज़ की गई. मारुति-सुज़ुकी ने जानकारी दी है कि इस अवधि में कंपनी ने कुल 18926 करोड़ रुपए की बिक्री की थी, जिसमें उसे 1489 करोड़ रुपए का शुद्ध फायदा हुआ. वित्त वर्ष 2017-18 की आख़िरी तिमाही में यह आंकड़ा 1799 करोड़ रुपए था. ख़बरों के मुताबिक यह खबर सामने आते ही मारुति-सुज़की के शेयर पर भी विपरीत प्रभाव पड़ा जो शुक्रवार को 7.40 फीसदी कमजोर होकर 6516 रुपए पर बंद हुआ.

यदि वाहनों के हिसाब से बात करें तो वित्त वर्ष 2018-19 की तीसरी तिमाही में घरेलू बाज़ार में मारुति-सुज़ुकी के 4,28,643 यूनिट वाहन ही बिक पाए जो कि पिछले वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही से 0.6 फीसदी कम थे. वहीं, भारत से निर्यात की जाने वाली कंपनी की गाड़ियों की बिक्री भी 8.5 प्रतिशत घट गई. हालांकि इस दौरान मारुति-सुज़ुकी को अन्य स्त्रोतों से होने वाली आय ने खासी राहत पहुंचाई है. इसके चलते कंपनी की कुल आय पिछले वित्त वर्ष की संबंधित अवधि के 19283 करोड़ रुपए से दो प्रतिशत बढ़कर 19668 करोड़ रुपए पहुंच गई.

जानकारों का कहना है कि मारुति-सुज़ुकी को बाज़ार की कमजोर परिस्थितियों का खामियाजा भुगतना पड़ा है. कंपनी की मानें तो उसे यह नुकसान वस्तुओं की विपरीत कीमतों, विपरीत अंतरराष्ट्रीय मुद्रा विनिमय दर, मार्केटिंग-सेल्स और क्षमताओं के खर्चों में बढ़ोतरी के चलते हुआ है. इस प्रदर्शन के बाद कंपनी ने यह दलील भी दी है कि मौजूदा वित्त वर्ष में पूरी इंडस्ट्री सिर्फ 4.4 फीसदी की ही बढ़ोतरी दर्ज़ कर पाई और यदि सिर्फ तीसरी तिमाही की बात की जाए तो इस दौरान इंडस्ट्री को 0.8 फीसदी घाटा उठाना पड़ा.

टाटा नैनो बंद होने के कगार पर

देश की प्रमुख ऑटोमोबाइल कंपनी टाटा मोटर्स अपनी लखटकिया कार नैनो का उत्पादन बंद कर सकती है. टाटा मोटर्स के सवारी वाहन सेगमेंट के अध्यक्ष मयंक पारीक ने इस सप्ताह बयान ज़ारी कर जानकारी दी है कि कंपनी अपने कई वाहनों को आगे अपग्रेड नहीं करेगी, नैनो भी उनमें शामिल है. सूत्रों का कहना है कि नए सुरक्षा और उत्सर्जन मानकों पर नैनो को ढालने में बड़ा निवेश करना पड़ेगा जिसे तय घाटे के सौदे के तौर पर देखा जा रहा है. ऐसे में अप्रैल-2020 से इस कार का निर्माण रोका जा सकता है.

टाटा नेनो
टाटा नेनो

हालांकि कंपनी के एक प्रवक्ता ने मीडिया को बताया है कि अभी तक इस बात पर अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है कि टाटा अपनी इस कार के उत्पादन को पूरी तरह बंद करेगी या इसके मौजूदा मॉडल को अपडेट करके दोबारा लॉन्च किया जाएगा. लेकिन जानकारों की मानें तो मयंक पारीक के बयान ने नैनो से जुड़ी सारी संभावनाएं काफी हद तक स्पष्ट कर दी हैं.

‘आम आदमी की कार’ के नाम से शोहरत पाने वाली नैनो की पहली झलक 2008 के ऑटो एक्स्पो में देखने को मिली थी. टाटा संस के तत्कालीन अध्यक्ष रतन टाटा ने उस वक्त इसे बेहद भावुक अंदाज में प्रस्तुत किया था. लेकिन शुरुआती मांग के बाद इस कार को गलत मार्केटिंग रणनीतियों का खामियाजा उठाना पड़ा. इस बारे में जानकारों का कहना है कि भारत जैसे देश में जहां आज भी कारों को सुविधा से शान का प्रतीक समझा जाता है वहां कोई भी अपने साथ सस्ती कार का टैग नहीं जोड़ना चाहता.

भारत में मर्सिडीज़ की दस नई पेशकश

लग्ज़री कारें बनाने वाली जर्मन ऑटमोबाइल कंपनी मर्सिडीज़-बेंज इस साल एक के बाद एक दस नई गाड़ियां भारतीय बाज़ार में पेश कर सकती है. कंपनी की भारतीय इकाई के निदेशक और सीईओ मार्टिन श्वेंक ने इस बारे में बयान ज़ारी कर कहा, ‘इन दस में से कुछ कारें कंपनी के एएमजी पोर्टफोलियो से होंगी जबकि कुछ को एसयूवी सेगमेंट में उतारा जाएगा. साथ ही जीएलई पोर्टफोलियो में कुछ अहम बदलाव किए जाएंगे. इनके अलावा भी कुछ अन्य उत्पादों पर काम किया जा रहा है.’

गौरतलब है कि वर्ष-2018 में भी कंपनी ने हर महीने औसतन एक नई सौगात यानी अपनी बारह गाड़ियां भारतीय बाज़ार में पेश की थीं. इनमें बीएस-VI मानक पर ख़री उतरने वाली देश की पहली कार एस-क्लास 2018 भी शामिल थी.

मर्सिडीज़-बेंज वी-क्लास
मर्सिडीज़-बेंज वी-क्लास

इस सप्ताह अपनी नई गाड़ी ‘वी-क्लास’ की लॉन्चिंग के साथ मर्सिडीज़ ने प्लान-2019 की शुरुआत कर दी है. वी-क्लास के साथ कंपनी ने पहली बार मल्टी परपज़ व्हीकल (एमपीवी) को भी दस्तक दी है. कंपनी ने इस कार को दो ट्रिम- एक्सप्रेशन लाइन और एक्सक्लुसिव लाइन में पेश किया है. इनमें से एक्सक्लुसिव लाइन ज्यादा प्रीमियम होने के साथ 6-सीटर लेआउट के साथ आती है, वहीं एक्सप्रेशन लाइन में आपको ज्यादा लंबा व्हीलबेस मिलने के साथ 7-सीटर केबिन का विकल्प मिलता है.

कंपनी ने वी-क्लास में चार सिलेंडर वाला, 2.2 लीटर क्षमता का डीज़ल इंजन दिया है जो बीएस-VI मानकों पर ख़रा उतरता है. यह इंजन 161 बीएचपी पॉवर के साथ 380 एनएम अधिकतम टॉर्क पैदा करने में सक्षम है. कंपनी ने इस इंजन को 7जी-ट्रोनिक ऑटोमैटिक गियरबॉक्स के साथ जोड़ा है. यदि आप इस शानदार गाड़ी को घर लाना चाहते हैं तो इसके एक्सप्रेशन लाइन ट्रिम के लिए आपको 68.40 लाख रुपए (दिल्ली एक्सशोरूम कीमत) चुकाने होंगे, वहीं इसके एक्सक्लुसिव ट्रिम की कीमत 81.90 लाख रुपए तक जाती है.