कर्नाटक से पहले ख़बरें आ रही थीं कि भारतीय जनता पार्टी राज्य की एचडी कुमारस्वामी सरकार को गिराने की कोशिश कर रही है. लेकिन अब सरकार में साझीदार दोनों पार्टियों- कांग्रेस और जेडीएस (जनता दल-सेकुलर) के बीच अनबन की ख़बरें आने लगी हैं. इसकी ताज़ा मिसाल मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी का बयान है. इसमें उन्होंने साफ शब्दों में कहा है, ‘वे (कांग्रेस नेता) हद पार कर रहे हैं. कांग्रेस को अपने विधायकाें को नियंत्रण में रखना चाहिए. नहीं तो मैं इस्तीफ़ा देने का तैयार हूं.’

एचडी कुमारस्वामी का ये बयान तब आया जब कांग्रेस नेता और राज्य सरकार में मंत्री सी पुट्‌टरंगा शेट्‌टी ने कह दिया, ‘मैं अब भी सिद्धारमैया को ही अपना मुख्यमंत्री मानता हूं.’ इसी तरह कांग्रेस के एक अन्य विधायक एसटी सोमशेखर ने कहा, ‘सिद्धारमैया को अगर पांच साल शासन करने का मौका और मिल जाता तो राज्य में ‘वास्तविक विकास’ नज़र आता.’ ग़ौरतलब है कि पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया इस समय भी राज्य में कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन की समन्वय समिति के मुखिया हैं. वे ख़ुद कई बार कुमारस्वामी सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठा चुके हैं.

इस पर जब एचडी कुमारस्वामी से उनकी प्रतिक्रिया मांगी गई ताे उन्होंने कहा, ‘इन सब बातों पर कांग्रेस नेताओं को ध्यान देना चाहिए. मैं इस पर बात करने के लिए सही व्यक्ति नहीं हूं. लेकिन इतना ज़रूर कहूंगा कि वे (कांग्रेस के नेता) अगर यही सब करते रहना चाहते हैं तो मैं पद (मुख्यमंत्री का) छोड़ने के लिए तैयार हूं.’ ग़ाैर करने की बात है कि कर्नाटक में 104 विधायकों के साथ भाजपा सबसे बड़ी पार्टी है. लेकिन उसे सत्ता से दूर रखने के लिए 79 सीटों वाली कांग्रेस ने 37 सीटें जीतने वाली जेडीएस को मुख्यमंत्री पद देकर उसके सरकार बनाई हुई है.