भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) लोकसभा चुनाव के साथ महाराष्ट्र, हरियाणा और झारखंड में विधानसभा चुनाव करा सकती है. पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व का विचार है कि ज्यादा से ज्यादा चुनावी लाभ लेने के लिए लोकसभा के साथ इन तीन राज्यों के चुनाव भी करा लिए जाएं. इंडियन एक्सप्रेस ने भाजपा के सूत्रों के हवाले से खबर दी है कि पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को लगता है कि एक साथ चुनाव कराने से उसे सबसे ज्यादा फायदा हो सकता है. अखबार के मुताबिक भाजपा ने राज्यों में अपने नेताओं को इस संबंध में संदेश दे दिया है.

महाराष्ट्र और हरियाणा में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकारों के कार्यकाल इस साल अक्टूबर में खत्म हो रहे हैं. वहीं, झारखंड सरकार का कार्यकाल दिसंबर में खत्म होगा. इनमें महाराष्ट्र और झारखंड की सरकारें अपने-अपने कार्यकाल पूरा करना चाहती हैं. लेकिन हरियाणा को लेकर पार्टी के एक धड़े का विचार है कि वहां विधानसभा चुनाव, आम चुनावों के साथ ही करा लिए जाएं. सूत्रों ने बताया कि इस बारे में अंतिम निर्णय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को करना है.

उधर, महाराष्ट्र में भाजपा की सहयोगी शिव सेना चाहती है कि राज्य के और आम चुनाव एक साथ हो जाएं. लेकिन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की इच्छा है कि वे अपना कार्यकाल पूरा करें. इस पर शिव सेना के एक नेता ने कहा, ‘सेना ने कह दिया है कि अगर विधानसभा और लोकसभा चुनाव एक साथ कराए जाते हैं तो पार्टी गठबंधन के साथ चुनाव लड़ने को तैयार है.’ वहीं, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने भले ही पहले संकेत दिए कि उनकी पार्टी को महाराष्ट्र में अकेले चुनाव लड़ने के लिए तैयार रहना चाहिए, लेकिन वे नहीं चाहते कि शिव सेना से उनका गठबंधन टूटे.

इसके अलावा हरियाणा को लेकर समझा जा रहा है कि अगर नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लोकसभा चुनाव में भाजपा ने अच्छा प्रदर्शन किया तो उसका सीधा फायदा मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को मिलेगा जो वहां सत्ता-विरोधी लहर का सामना कर रहे हैं. सूत्रों ने कहा, ‘अगर पार्टी लोकसभा चुनाव में अच्छा प्रदर्शन नहीं करती तो इसकी संभावना कम हो जाएगी.’ खबर के मुताबिक यही वजह है कि जींद उपचुनाव पर सबकी नजर है. वहां सोमवार को वोटिंग प्रक्रिया पूरी हुई थी. सूत्रों की मानें तो अगर जींद में पार्टी जीती तो इससे उसका इसी योजना के साथ आगे जाने का उत्साह बढ़ेगा.