राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद को लेकर केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की है. इसमें उसने अपील की है कि अयोध्या में जो गैर-विवादित जमीन है उसे भारत सरकार को वापस दे दिया जाए. एनडीटीवी के मुताबिक केंद्र सरकार का कहना है कि वह गैर विवादित जमीन मूल मालिकों को लौटाना चाहती है. इस जमीन पर सुप्रीम कोर्ट ने करीब ढाई दशक पहले यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया था जिसे सरकार ने वापस लेने की मांग की है.

अयोध्या में गैर-विवादित जमीन में से ज्यादातर रामजन्मभूमि न्यास की है. यह विश्व हिंदू परिषद द्वारा शुरू किया गया ट्रस्ट है जिसे राम मंदिर निर्माण के लिए बनाया गया है. इसलिए संभावना जताई जा रही है कि अगर सुप्रीम कोर्ट केंद्र की मांग पर हामी भर देता है तो राम मंदिर निर्माण का काम शुरू हो सकता है. यही वजह है कि इसे आम चुनाव से पहले मोदी सरकार का बड़ा दांव माना जा रहा है.

अयोध्या में रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद से जुड़ी जिस भूमि पर झगड़ा है वह 0.313 एकड़ ही है. बाबरी मस्जिद गिराए जाने के बाद 1993 में यह और इसके आसपास की करीब 67 एकड़ जमीन केंद्र सरकार ने अधिग्रहीत कर ली थी. लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इस जमीन पर स्टे लगा दिया था. आज ही सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या मामले को लेकर सुनवाई होनी थी, लेकिन जस्टिस एसए बोबड़े के छुट्टी पर जाने की वजह से यह टल गई.