भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के अधिकारियों ने आधार डेटा के गलत इस्तेमाल होने का आरोप लगाया है. बैंक के अधिकारियों का कहना है कि अनधिकृत आधार कार्ड जारी करने के लिए भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) के लॉगइन व बायोम्रेटिक डेटा का गलत इस्तेमाल किया गया है. उधर, यूआईएडीआई ने इस आरोप को खारिज किया है. उसका कहना है, ‘आधार का डेटाबेस पूरी तरह सुरक्षित है और बायोमेट्रिक या किसी भी अन्य प्रकार की सुरक्षा में सेंध नहीं लगी है.’

टाइम्स ऑफ इंडिया में प्रकाशित खबर के मुताबिक आधार के नामांकन संबंधी लक्ष्य को पूरा करने के लिए एसबीआई ने अन्य बैंकों की तरह फर्मों का चयन किया था. रिपोर्ट में इन फर्मों का नाम एफआईए टेक्नोलॉजी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड व संजीवनी कंसल्टेंट्स बताया गया है. चंडीगढ़ स्थित ये दोनों फर्में देश के कई राज्यों के लोगों के आधार कार्ड बनाने का काम करवाती हैं. लेकिन इनके 250 ऑपरेटरों में से करीब आधे के खिलाफ बीते दो महीनों में या तो पेनल्टी लगाई गई है या उन्हें डिएक्टिवेट किया गया है, या फिर ब्लैकलिस्ट कर दिया गया. इससे एसबीआई की नामांकन प्रक्रिया के काम पर रोक लग गई और उसकी कई शाखाओं पर यूआईडीएआई ने पेनल्टी लगाई.

प्राधिकरण ने जिन ऑपरेटरों पर पेनल्टी लगाई, उनमें से एक हैं विक्रम. वे एसबीआई की उचाना शाखा (हरियाणा) में काम कर रहे थे. 26 दिसंबर, 2018 को यूआईडीएआई ने उन पर 33 लाख रुपये का जुर्माना लगाया था. उसका आरोप था कि विक्रम ने फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर अपनी ऑपरेटर आईडी के जरिए कई आधार कार्ड जारी किए. प्राधिकरण के मुताबिक विक्रम ने ऐसा ‘मल्टीपल स्टेशन आईडीज’ की मदद से किया जिनसे अलग-अलग डिवाइसों से आधार कार्ड बनाए जा सकते हैं. ये स्टेशन आईडी लैपटॉप, डेस्कटॉप या कोई टैबलेट हो सकते हैं जिनका इस्तेमाल आधार नामांकन के लिए किया जाता है.

लेकिन एसबीआई के अधिकारियों का कहना है कि मल्टीपल स्टेशन आईडी को केवल वे ही मंजूरी दे सकते हैं, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया था. इसलिए बैंक के चंडीगढ़ स्थित अधिकारियों ने मुंबई स्थित अपने कॉर्पोरेट कार्यालय को पत्र लिख कर कहा है कि वह इस मुद्दे को यूआईडीएआई के सामने उठाए. उन्होंने कहा कि यूआईडीएआई को बताया जाए कि बैंक ने ये मल्टीपल स्टेशन आईडी नहीं बनाई हैं और उसकी (यूआईडीएआई) ही सुरक्षा में कोई न कोई कमी है जिसकी वजह से किसी ने सिस्टम को हैक किया और इन आधार आईडी को विक्रम के नाम पर बनाया.