केरल की आईपीएस (भारतीय पुलिस सेवा) अफसर चैत्रा टेरेसा जॉन को पुलिस विभाग ने क्लीन चिट दे दी है. राज्य की सत्ताधारी भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी- मार्क्सवादी (सीपीआई-एम) के दफ़्तर में छापा मारने की वज़ह से उनके ख़िलाफ़ यह जांच बिठाई गई थी. इस कार्रवाई के लिए मुख्यमंत्री पिनरायी विजयन ने उनकी नीयत पर सवाल भी उठाया था.

ख़बरों के मुताबिक अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजीपी) मनोज अब्राहम ने जांच की थी. उन्होंने अपनी रिपोर्ट पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) लोकनाथ बेहरा को सौंप दी है. इसमें साफ तौर पर कहा गया है कि चैत्रा ने कानून के दायरे में रहते हुए कार्रवाई की थी. उन्होंने कोई गलती नहीं की है.

ग़ौरतलब है कि चैत्रा ने सीपीआई-एम के तिरुवनंतपुरम जिला कार्यालय में बीती 24 जनवरी को छापा मारा था. एक पुलिस थाने में पथराव के बाद छापे की यह कार्रवाई की गई. चैत्रा काे सूचना मिली थी कि इस पथराव में सीपीआई-एम के कार्यकर्ता शामिल थे और वे पार्टी कार्यालय में छिपे हैं. हालांकि वे कार्यकर्ता उन्हें वहां मिले नहीं थे.

इसी वज़ह से चैत्रा को मुख्यमंत्री पिनरायी विजयन की आलोचना का सामना करना पड़ा था. उन्होंने विधानसभा में आरोप लगाया था कि इस ‘छापामारी के जरिए चैत्रा अपना कोई हित साध रही हैं. वे पार्टी के सामान्य कामकाज में बाधा डाल रही हैं.’ इसके बाद चैत्रा के ख़िलाफ़ विभागीय जांच शुरू की गई थी.