ब्रिटिश प्रधानमंत्री टेरेसा मे को बड़ी राहत मिली है. ब्रिटेन के यूरोपीय संघ से अलग होने या ब्रेक्जिट समझौते पर फिर से बातचीत करने की योजना के लिए उन्हें सांसदों का समर्थन मिल गया है. इस आशय का एक प्रस्ताव मंगलवार को ब्रिटिश संसद में पारित हो गया. ब्रेक्जिट पर टेरेसा मे का मूल समझौता संसद से पारित नहीं हो सका था. इसके बाद उन्होंने सांसदों से अपील की थी कि उन्हें यूरोपीय संघ के साथ फिर से समझौता करने का मौका दिया जाए जो संसद ने उन्हें दे दिया है. टेरेसा मे का कहना है कि यूरोपीय संघ से वार्ता के बाद उनका संशोधित समझौता जल्द से जल्द मतदान के लिए संसद के निचले सदन में पेश किया जाएगा. ब्रिटेन की जनता ने एक जनतमतसंग्रह में यूरोपीय संघ से अलग होने का फ़ैसला लिया था.

उधर, यूरोपीय संघ अपने रुख पर अड़ा हुआ है. उसका कहना है कि वह ब्रिटिश प्रधानमंत्री के साथ हुए समझौते की कानूनी भाषा में कोई बदलाव नहीं करेगा. यूरोपीय संघ के अध्यक्ष डोनाल्ड टुस्क के मुताबिक ब्रिटेन के साथ तय हुए समझौते पर फिर से वार्ता नहीं की जाएगी और मौजूदा हालात में ब्रिटेन के यूरोप से अलग होने का यही सबसे सही और एकमात्र रास्ता बचा है. यूरोपीय संघ से ब्रिटेन के अलग होने की तारीख आगामी 29 मार्च है.