केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने एक फरवरी को पेश होने वाले बजट के संबंध में स्पष्टीकरण जारी किया है. मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है, ‘यह बजट 2019-20 का ‘अंतरिम बजट’ ही कहलाएगा. इस बारे में हमें किसी तरह की दुविधा नहीं है.’

ख़बरों के मुताबिक यह बयान वित्त मंत्रालय के प्रवक्ता डीके जोशी के हवाले से जारी किया गया है. ग़ौरतलब है कि पिछले सप्ताह केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा था, ‘इस बार के बजट का स्वरूप परिस्थितियाें और देश के व्यापक हित पर निर्भर करेगा.’ अमेरिका में इलाज करा रहे जेटली ने वहीं से वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए मीडिया से बातचीत करते हुए यह टिप्पणी की थी. इसके बाद ये अटकलें चल पड़ी थीं कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार इस बार परंपरा तोड़ते हुए पूर्ण बजट पेश कर सकती है.

इसी संदर्भ में ग़ौर करने की बात ये भी है कि लोक सभा चुनाव से ठीक पहले आयोजित बजट सत्र में केंद्र की सरकारें कुछ महीनों के सरकारी ख़र्च का इंतज़ाम करने के लिए परंपरा के अनुसार ‘अंतरिम बजट’ पेश करती रही हैं. चुनाव के बाद नई सरकार वित्तीय वर्ष की बाकी बची अवधि के लिए पूर्ण बजट पेश करती है. इस बार की ख़ास बात ये भी है कि नियमित वित्त मंत्री अरुण जेटली की अनुपस्थिति में उनके मंत्रालय का प्रभार संभाल रहे पीयूष गोयल अंतरिम बजट पेश करने वाले हैं.