राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने आज 16वीं लोकसभा के आखिरी सत्र में संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में भाषण दिया. इसमें उन्होंने कहा कि केंद्र की मौजूदा सरकार ने पिछले साढ़े चार सालों में लोगों को नई आशा और विश्वास दिया तथा देश का सम्मान का बढ़ाया है, जबकि 2014 के लोकसभा चुनावों से पहले देश ‘अस्थिरता के दौर से गुजर रहा था.’ राष्ट्रपति ने सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए यह भी कहा कि इस सरकार ने नया भारत बनाने का संकल्प लिया है.

पीटीआई के मुताबिक राष्ट्रपति कोविंद ने कहा, ‘देश 2014 लोकसभा चुनावों से पहले अस्थिरता के दौर से गुजर रहा था, लेकिन चुनाव के बाद मेरी सरकार ने नया भारत बनाने का संकल्प लिया. पिछले साढ़े चार साल में मेरी सरकार ने लोगों को नई आशा और विश्वास दिया है, तथा देश का सम्मान बढ़ाया है. मेरी सरकार सभी वर्गों के लोगों की आशाओं, आकांक्षाओं को पूरा करने का काम कर रही है.’ राष्ट्रपति ने आगे कहा, ‘हमारा देश गांधी जी के सपनों के अनुरूप, नैतिकता पर आधारित समावेशी समाज का निर्माण कर रहा है. हमारा देश बाबा साहब डॉक्टर भीमराव आंबेडकर द्वारा संविधान में दिए गए सामाजिक और आर्थिक न्याय के आदर्शों के साथ आगे बढ़ रहा है.’

भाषण में राष्ट्रपति ने कहा कि स्वच्छ भारत अभियान के तहत नौ करोड़ से ज्यादा शौचालयों का निर्माण हुआ है. इसे जन आंदोलन बताते हुए उन्होंने कहा कि इसके कारण आज ग्रामीण स्वच्छता का दायरा बढ़ कर 98 प्रतिशत हो गया है, जो कि वर्ष 2014 में 40 प्रतिशत से भी कम था. उन्होंने कहा, ‘हमारी बहुत सी माताएं, बहनें और बेटियां, चूल्हे के धुएं के कारण बीमार रहती थीं, पूरे परिवार का स्वास्थ्य प्रभावित होता था और उनका अधिकांश समय ईंधन जुटाने में लग जाता था. ऐसी बहनों-बेटियों के लिए मेरी सरकार ने उज्ज्वला योजना के तहत अब तक छह करोड़ से ज्यादा गैस कनेक्शन दिए हैं.’

कोविंद ने कहा, ‘दशकों के प्रयास के बाद भी वर्ष 2014 तक हमारे देश में केवल 12 करोड़ गैस कनेक्शन थे. बीते केवल साढ़े चार वर्षों में मेरी सरकार ने कुल 13 करोड़ परिवारों को गैस कनेक्शन से जोड़ा है.’ वहीं, केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का जिक्र करते हुए राष्ट्रपति ने कहा, ‘प्रधानमंत्री जन आरोग्य अभियान’ के तहत देश के 50 करोड़ गरीबों के लिए गंभीर बीमारी की स्थिति में, हर परिवार पर प्रतिवर्ष पांच लाख रुपए तक के इलाज खर्च की व्यवस्था की गई है. सिर्फ 4 महीने में ही इस योजना के तहत 10 लाख से ज्यादा गरीब अपना इलाज करवा चुके हैं.’

सरकार के कार्यों की प्रशंसा करते हुए राष्ट्रपति ने कहा, ‘प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना’ के तहत देश भर में अब तक 600 से ज्यादा जिलों में 4,900 जन औषधि केंद्र खोले जा चुके हैं. इन केंद्रों में 700 से ज्यादा दवाइयां बहुत कम कीमत पर उपलब्ध कराई जा रही हैं.’ उन्होंने कहा, ‘सिर्फ एक रुपया महीना के प्रीमियम पर ‘प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना’ और 90 पैसे प्रतिदिन के प्रीमियम पर ‘प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना’ के रूप में लगभग 21 करोड़ गरीब भाई-बहनों को बीमा सुरक्षा कवच प्रदान किया गया है.’

कोविंद ने कहा कि तमिलनाडु के मदुरै से लेकर जम्मू-कश्मीर के पुलवामा तक और गुजरात के राजकोट से लेकर असम के कामरूप तक, नए ‘एम्स’ बनाए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि गांवों में चिकित्सकों की कमी को दूर करने के लिए बीते चार वर्षों में मेडिकल की पढ़ाई में 31 हजार नई सीटें जोड़ी गई हैं.