प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गुरुवार को बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती से जुड़े सात ठिकानों पर छापे मारे. ख़बरें हैं कि इस कार्रवाई के बाद अब मायावती से पूछताछ भी की जा सकती है.

एबीपी न्यूज़ के मुताबिक मायावती पर उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री रहते हुए 114 करोड़ रुपए के घाेटाले का आरोप है. उन्हाेंने अपने मुख्यमंत्री काल में प्रदेश में कई जगह बसपा के चुनाव चिह्न ‘हाथी’ के साथ-साथ पार्टी के संस्थापक कांशीराम और ख़ुद की भी प्रतिमाएं स्थापित कराई थीं. इस पर 1,400 करोड़ रुपए ख़र्च हुए थे. जनता के पैसे से ये प्रतिमाएं लगवाने के लिए तब मायावती की काफी आलोचना भी हुई थी. यह घोटाला भी उसी काम के दौरान हुआ बताया जाता है.

वैसे मायावती ही नहीं इस वक़्त समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव भी केंद्रीय एजेंसियों के निशाने पर हैं. अभी हाल ही में सीबीआई (केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो) ने उत्तर प्रदेश में अवैध खनन के आरोप में चार लाेगों के ख़िलाफ़ प्राथमिकी दर्ज़ कर जांच शुरू की है. इनमें अखिलेश यादव का भी नाम है. हालांकि ईडी, सीबीआई जैसी केंद्रीय जांच एजेंसियों की इन कार्रवाईयों को राजनीति से प्रेरित भी माना जा रहा है क्योंकि उत्तर प्रदेश में सपा-बसपा ने चुनावी गठबंधन किया है. इससे आगामी लोक सभा चुनाव के दौरान केंद्र में सरकार चला रही भारतीय जनता पार्टी को ख़ासी परेशानी होना तय माना जा रहा है.