सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता और सामाजिक कार्यकर्ता प्रशांत भूषण ने हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत को लेकर सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस रंजन गोगोई को एक चिट्ठी लिखी है. द वायर डॉट इन के मुताबिक इस चिट्ठी का आधार वे अटकलें हैं जिनमें कहा जा रहा है कि जस्टिस सूर्यकांत को सुप्रीम कोर्ट में पदोन्नत करने पर विचार चल रहा है. प्रशांत भूषण ने इस चिट्ठी के जरिये सूर्यकांत की संभावित पदोन्नति को लेकर अपना विरोध जाहिर किया है.

इस चिट्ठी में प्रशांत भूषण ने यह भी लिखा है कि जस्टिस सूर्यकांत के खिलाफ संपत्ति के अनधिकृत लेन-देन की शिकायतें हैं. इन परिस्थितियों में उन्हें सुप्रीम कोर्ट में पदोन्नत किए जाने की सिफारिश करना उचित नहीं होगा. इसके साथ ही प्रशांत भूषण ने सूर्यकांत पर लगे आरोपों को लेकर उनके खिलाफ एक ‘आंतरिक जांच’ बैठाए जाने की मांग भी की है.

जस्टिस सूर्यकांत ने बीते साल अक्टूबर में हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट के 23वें चीफ जस्टिस के तौर पर पद संभाला था. उन्होंने साल 1984 में हरियाणा की महर्षि दयानंद सरस्वती यूनिवर्सिटी से लॉ ग्रैजुएट की डिग्री हासिल की थी. इसके बाद 1985 से उन्होंने पंजाब और हरियाणा के चंडीगढ़ हाई कोर्ट में वकालत शुरू की थी. जनवरी 2004 में सूर्यकांत हाई कोर्ट के स्थायी जज बने थे.

बताया जा रहा है कि अगर सूर्यकांत को सुप्रीम कोर्ट में पदोन्नत किया जाता है तो नवंबर 2025 से फरवरी 2027 तक वे सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस की भूमिका में भी नजर आएंगे.