रोजगार की हालत पिछले 45 साल में सबसे खराब बताने वाली एक कथित रिपोर्ट को लेकर मोदी सरकार बैकफुट पर आती दिख रही है. नीति आयोग ने सफाई दी है कि सरकार ने अभी ऐसी कोई रिपोर्ट जारी नहीं की है. आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने गुरुवार कहा कि रोजगार को लेकर अभी आंकड़े तैयार हो रहे हैं जिनके फाइनल होने पर ही संबंधित रिपोर्ट जारी होगी.

इससे पहले नेशनल सैंपल सर्वे ऑफिस की यह कथित रिपोर्ट एक अखबार द्वारा छापे जाने के बाद विपक्षी दलों और केंद्र सरकार के बीच जमकर जुबानी तीर चले. विपक्ष ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार चुनावी साल में अपनी नाकामी छिपाने के लिए रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं कर रही. उधर, सरकार ने इसे फर्जी खबर करार दिया. इससे पहले 28 जनवरी को खबर आई थी कि इस रिपोर्ट को सार्वजनिक न किए जाने के चलते राष्ट्रीय सांख्यिकी आयोग के दो सदस्यों ने इस्तीफा दे दिया है.