केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने शुक्रवार को मौज़ूदा कार्यकाल का आख़िरी (अंतरिम) बजट पेश किया. चूंकि दो महीने बाद लोक सभा चुनाव हैं, इसीलिए जैसी उम्मीद की जा रही थी, अंतरिम बजट भी वैसा ही रहा. इसमें सरकार ने किसानों की नाराज़गी दूर करने की ख़ास कोशिश की है. इसके तहत दो हेक्टेयर से कम ज़मीन वाले किसानों को सालाना 6,000 रुपए की वित्तीय मदद देने का ऐलान किया गया है.
केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली (वे अपना इलाज़ कराने के लिए अमेरिका में हैं) की ग़ैरमौज़ूदगी में उनके मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे पीयूष गोयल ने लोक सभा में अंतरिम बजट पेश किया. उन्होंने बताया कि सरकार ने अंतरिम बजट में ‘प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि’ का बंदोबस्त किया है. इसके तहत सरकार पात्र किसानों काे वित्तीय मदद देगी. तीन किस्तों में सीधे उनके बैंक खातों में दो-दो हजार रुपए जमा कराए जाएंगे. इससे देश के 12 करोड़ छोटे और मंझोले किसानों को लाभ मिलेगा.
गोयल ने बताया कि सरकार के ऊपर इस वित्तीय मदद की वज़ह से 75,000 करोड़ रुपए बोझ आएगा. इसके अलावा सरकार ने 22 फसलाें पर समर्थन मूल्य भी डेढ़ गुना तक बढ़ाने का फ़ैसला किया है. उन्होंने कहा कि किसान सम्मानजनक आय हासिल कर सकें और उनकी आमदनी आने वाले वर्षों में दोगुनी हो सके इसलिए सरकार ने इस तरह का बंदोबस्त किया है.
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