केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के आख़िरी बजट में किसानों की तरह असंगठित क्षेत्र के मज़दूरों का भी ख़ास ख़्याल रखा गया है. उनके लिए ‘प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन’ योजना शुरू की गई है. इसके तहत असंगठित क्षेत्र के 60 साल से ऊपर के मज़दूरों के लिए हर महीने 3,000 रुपए पेंशन का बंदोबस्त किया गया है.

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने अंतरिम बजट पेश करते हुए शुक्रवार को इस योजना का ऐलान किया. उन्होंने बताया कि पेंशन योजना के लिए असंगठित क्षेत्र के कामगारों से 100 रुपए प्रतिमाह के हिसाब से न्यूनतम वित्तीय योगदान लिया जाएगा. बदले में उन्हें हर महीने योजना के तहत नियत पेंशन का लाभ मिलेगा. इससे देश के 10 करोड़ कामगारों को लाभ मिलेगा.

गोयल ने बताया कि अगले पांच साल में यह दुनिया के सबसे बड़ी सामाजिक सुरक्षा योजना हो सकती है. उनके मुताबिक सरकार की मंशा गांवों को शहरों जैसी सुविधाएं मुहैया कराना है. लेकिन ‘गांवों की आत्मा’ बचाकर रखते हुए. सरकार का मानना है कि देश के संसाधनों पर पहला हक़ ग़रीबों और ग्रामीणों का है.