अंतरराष्ट्रीय रेटिंग एजेंसी मूडीज ने वित्त वर्ष 2019-20 के अंतरिम बजट को क्रेडिट यानी साख की दृष्टि से नकारात्मक बताया है. मूडीज ने कहा है कि भारत लगातार चार वर्षों से राजकोषीय घाटे के लक्ष्य को पाने से चूक रहा है और यह साख की दृष्टि से नकारात्मक है. इस रेटिंग एजेंसी ने संदेह जताया है कि इससे वित्त वर्ष 2019-20 में भी सरकार के लिए राजकोषीय घाटे के 3.4 प्रतिशत के लक्ष्य को पाना मुश्किल होगा.

मूडीज के मुताबिक भारत सरकार के इस अंतरिम बजट में राजस्व बढ़ाने के बारे में नई नीतियों का अभाव है. इसमें कई ऐसे उपायों की घोषणा की गई है जिससे खर्च बढ़ेगा और मूडीज का मानना है कि इन उपायों से उपभोग तो बढ़ेगा लेकिन राजकोषीय बोझ भी बढ़ेगा.

मूडीज की तरफ से जारी बयान में कहा गया है, ‘पिछले दो साल में बजट के राजकोषीय घाटे के लक्ष्य से चूक के बाद हमारा अनुमान है कि मार्च, 2020 में समाप्त वित्त वर्ष में भी सरकार को राजकोषीय घाटे के लक्ष्य को पाने में चुनौतियां का सामना करना पड़ेगा जो मध्यम अवधि के राजकोषीय मजबूती के रुख की दृष्टि से अच्छा नहीं है.’

आज पेश हुए बजट में अनुमान लगाया गया है कि चालू वित्त वर्ष में राजकोषीय घाटा 3.4 प्रतिशत रहेगा, जबकि लक्ष्य 3.3 प्रतिशत का था.