किसी भी बजट में मध्यम वर्ग को सबसे ज्यादा दिलचस्पी आयकर में मिलने वाली छूट की घोषणा को लेकर होती है. शुक्रवार को प्रभारी वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने मध्यम वर्ग को आयकर में बड़ी राहत दी. बजट में पांच लाख तक की आय को आयकर से मुक्त घोषित किया गया. लेकिन इसको लेकर काफी देर तक आर्थिक जानकारों से लेकर आम लोगों तक में भ्रम की स्थिति बनी रही.

आर्थिक समाचार पत्रों की वेबसाइट में भी इस बात की व्याख्या इस तरह से की गई कि पांच लाख तक आय वालों को कोई आयकर नहीं देना पड़ेगा, लेकिन अगर आपकी आय पांच लाख से ज्यादा है तो आपका आयकर पहले जैसे रहेगा. शुरुआत में टीवी पर भी कई आर्थिक जानकारों ने इस बात को इसी तरह समझाया.

दरअसल, यह सारा भ्रम इस बात से शुरु हुआ कि पीयूष गोयल ने अपने बजट भाषण में कहा कि पांच लाख तक की आय वालों को आयकर से पूरी तरह छूट देने का प्रस्ताव किया जाता है. इसका मतलब यह निकाला गया कि पांच लाख से ज्यादा कमाने वालों के लिए छूट की कोई बात नहीं की गई है. जबकि वित्त मंत्री की बात का मतलब था कि पांच लाख तक की आय को छूट के दायरे से मुक्त कर दिया गया है. इसका मतलब है कि अगर आप छह लाख रुपया सलाना भी कमाते हैं तो भी आपको पांच लाख तक की आय में छूट मिलेगी. वित्त मंत्री के आगे के भाषण से भी यह सपष्ट होता है, जब वे कहते हैं कि अगर पीएफ, पेंशन और बीमा योजना में नियमानुसार निवेश किया जाए तो छह लाख पचास हजार रुपये तक की सालाना आय वाले व्यक्ति को भी कोई आयकर नहीं देना पड़ेगा. इसका मतलब है कि 80 सी,स्टैंडर्ड डिडक्शन और अन्य छूट के बाद आप की टैक्सेबल इनकम पांच लाख तक होती है तो आपको इस छूट का लाभ मिलेगा. हां, अगर सभी तरह की छूट के बाद भी आपकी कर योग्य आय पांच लाख से ज्यादा रहती है तो आपको पुरानी दर पर कर चुकाना होगा.

बजट की कुछ हाइलाइट्स वाली विज्ञिप्तयों और खबरों से भी यह भ्रम बना कि बजट में छूट सिर्फ उन्हें दी गई है जिनकी सालाना आमदनी पांच लाख तक है. और इसके ऊपर की आय वालों को जस का तस रखा गया है. यह भ्रम इतना बना कि मीडिया से बातचीत में राजस्व सचिव अजय भूषण पांडेय को भी इसे साफ करना पड़ा. राजस्व सचिव की बातों से पूरा मसला और साफ हो जाता है. उन्होंने कहा कि पांच लाख तक की कर योग्य आय पर पूरी तरह से छूट दी गई है.

उन्होंने यह भी बताया कि अगर कोई आठ से नौ लाख रुपये के बीच कमाता है. और वह 80 सी और इनकम टैक्स एक्ट के तहत डेढ़ लाख की बचत करता है और उसने हाउस लोन भी लिया हुआ है तो उसे मिलने वाली छूट इतनी हो सकती है कि उसे कोई इनकम टैक्स नहीं देना पड़ेगा. बाद में पीआईबी की ओर से जारी प्रेस विज्ञिप्तयों में भी यह साफ है कि पांच लाख तक की कर योग्य आय को इनकम टैक्स से मुक्त किया गया है न कि सिर्फ पांच लाख तक आय वालों को.