इसी साल होने वाले आम चुनाव के दौरान इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के साथ छेड़छाड़ व हैकिंग की आशंकाओं के मद्देनजर विपक्षी दलों ने एक बैठक की है. द हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक ‘सेव द नेशन सेव द डेमोक्रेसी’ नाम से यह बैठक कांग्रेस की अगुवाई में आयोजित हुई है. दिल्ली के कांस्टीट्यूशन क्लब में हुई इस बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के अलावा आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू, एनसीपी प्रमुख शरद पवार, लोकतांत्रिक जनता दल के प्रमुख शरद यादव सहित कई अन्य नेताओं ने हिस्सा लिया है.

इस बैठक में शामिल विपक्षी दलों ने एक बार फिर आगामी आम चुनाव बैलेट पेपर के जरिये कराए जाने की मांग की है. विपक्षी दलों की तरफ से यह मांग पहले भी की जा चुकी है. विपक्षी नेता अतीत में दावा कर चुके हैं कि दुनियाभर में सिर्फ दो-तीन देश ही ईवीएम का इस्तेमाल कर रहे हैं. साथ ही चुनावी प्रक्रिया के लिए ईवीएम का इस्तेमाल कर चुके देश वापस बैलेट पेपर से वोट कराने की प्रक्रिया की तरफ लौट चुके हैं. हालांकि चुनाव आयोग ने उनकी इस मांग को खारिज कर दिया था.

इसके साथ ही तब मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने साफ तौर पर यह भी कहा था कि देश को बैलेट पेपर के युग में वापस नहीं ले जाया जाएगा और चुनाव आयोग ईवीएम और वीवीपैट के जरिये ही चुनावी प्रक्रिया को जारी रखेगा.