शराब कारोबारी विजय माल्या ने खुद पर लगे धोखाधड़ी और मनी लॉन्डरिंग के आरोपों पर सवाल उठाए हैं. स्क्रॉल डॉट इन के मुताबिक विजय माल्या ने एक ट्वीट में लिखा है, ‘हाल ही में डीआरटी रिकवरी अफसर ने भारत में मेरे समूह की 13 हजार करोड़ रुपये कीमत की संपत्तियां जब्त की हैं. ये संपत्तियां भारतीय बैंकों की मदद के उद्देश्य से जब्त की गईं. इसके बाद भी मेरे बारे में प्रचारित किया जा रहा है कि मैं बैंकों का नौ हजार करोड़ रुपया लेकर देश से फरार हूं.’ इसी ट्वीट में माल्या ने सवालिया लहजे में आगे लिखा है, ‘न्याय और निष्पक्ष जांच कहां है.’

विजय माल्या का कहना है कि उस पर भारतीय बैंकों का जो बकाया है उससे कही ज्यादा कीमत वाली उसकी संपत्तियां जब्त की जा चुकी हैं. इसके साथ ही माल्या ने यह भी कहा, ‘बैंकों का दावा है कि मुझ पर उनका नौ हजार करोड़ का बकाया है. इसमें कर्ज और ब्याज की रकम शामिल है और इसकी समीक्षा भी होनी है. आखिर यह सब कब तक चलेगा?’

इससे पहले इसी महीने की पांच तारीख को मुंबई की एक विशेष अदालत ने माल्या को भगोड़ा आर्थिक अपराधी करार दिया था. उसके खिलाफ यह कार्रवाई बीते साल लाए गए ‘भगोड़ा आ​र्थिक अपराधी कानून’ के तहत हुई थी. इस कानून के तहत आरोपित को अपराधी घोषित किए जाने के बाद सरकार को उसकी संपत्तियां जब्त करने का अधिकार मिल जाता है. विजय माल्या ऐसा अपराधी घोषित किया जाने वाला देश का पहला शख्स भी है.

विजय माल्या पर देश के विभिन्न बैंकों का करोड़ों रुपये का कर्ज है. उसे चुकाए बगैर ही उसने मार्च 2016 में देश छोड़ दिया था. उसके बाद वह ब्रिटेन के लंदन में रह रहा है.