प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को पश्चिम बंगाल में अपने चुनाव अभियान की शुरूआत की. उन्होंने पहली जनसभा ठाकुरनगर में की. यहां उन्होंने भीड़ की तरफ इशारा करते हुए कहा, ‘अब मुझे समझ आया कि ममता बनर्जी हमसे इतना डरी हुई क्यों हैं. यह हमारे लिए आपका स्नेह है जिसने उन्हें डरा दिया है.’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘मैं देख पा रहा हूं कि बहुत से लोग सभास्थल तक पहुंच नहीं पा रहे हैं. क्योंकि यहां जगह नहीं बची है. मैं आपसे अपील करता हूं कि जहां हैं वहीं रहिए. आप सबके इस स्नेह के लिए मैं आपका आभार व्यक्त करता हूं. यहां का माहौल देखकर मुझे पूरा भरोसा हो गया है कि बंगाल अब बदलाव के रास्ते पर है. मैं आप सब को बता देना चाहता हूं कि भारतीय जनता पार्टी आपको किसी तरह का कष्ट नहीं पहुंचने देगी. हमें पता है कि आप सबका यहां (बंगाल में) शोषण किया गया है. लोगों ने संगठित होकर आपका पैसा लूटा है. लेकिन अब केंद्र सरकार ने इस लूट काे बंद करने का बंदोबस्त कर दिया है. अब आप सीधे अपने बैंक खातों में अपना पैसा पाएंगे. सौ फ़ीसदी रकम आप तक पहुंचेगी. अब बिचौलियों से डरने की या उनकी चिंता करने की ज़रूरत नहीं है.’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नागरिकता संशोधन कानून का भी ज़िक्र किया. उन्होंने कहा, ‘मैं तृणमूल कांग्रेस से आग्रह करता हूं कि इस कानून का समर्थन करें.’ ग़ौरतलब है कि इस कानून का पूर्वाेत्तर में भाजपा की सहयोगी पार्टियां ही विरोध कर रही हैं. उन्हें आशंका है कि इससे उनके राज्यों में आबादी का संतुलन गड़बड़ा जाएगा. क्योंकि इसमें अफ़ग़ानिस्तान, बांग्लादेश, पाकिस्तान से आए ग़ैर-मुस्लिम शरणार्थियों को आसानी से भारत की नागरिकता देने का बंदोबस्त है. और ये शरणार्थी ज़्यादातर पूर्वोत्तर के राज्यों में ही बसे हुए हैं.

नरेंद्र मोदी ने किसानों का कर्ज़ माफ़ किए जाने के वादों का भी मसला उठाया. उन्होंने ख़ास तौर पर कर्नाटक का उदाहरण दिया. नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘जिन्हाेंने कर्ज़ ही नहीं लिया, उन्हें भी कर्नाटक में कर्ज़ माफ़ी दे दी गई. इस तरह किसानों के साथ धोखाधड़ी की जा रही है. उनकी आंखों में धूल झाेंकने की कोशिश की जा रही है. और दिलचस्प बात है कि इस राज्य की मुख्यमंत्री (ममता बनर्जी) इस कर्ज़ माफ़ी का समर्थन कर रही हैं. इससे आपको विशेष रूप से सावधान रहने की ज़रूरत है.’