प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी सरकार की कृषक आय योजना की आलोचना करने पर विपक्ष को आड़े हाथ लेते हुए रविवार को कहा कि दिल्ली में एसी कमरों में बैठे लोग दूरदराज और दुर्गम इलाकों में रहने वाले गरीब किसानों के लिए 6000 रुपये के महत्व को नहीं जानते. केंद्र सरकार ने आम चुनावों से पहले किसानों को साधने के लिए अंतरिम बजट में घोषणा की है कि दो एकड़ तक जमीन रखने वाले किसानों को हर वर्ष 6000 रुपये दिये जाएंगे.

लेह की सभा में प्रधानमंत्री नेे कहा, ‘प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि किसानों के लिए महत्वपूर्ण योजना है. दिल्ली में वातानुकूलित कमरों में बैठे लोग नहीं समझते कि देश के दूरदराज और दुर्गम इलाकों में रहने वाले गरीब किसान के लिए 6000 रुपये का क्या मतलब है.’ प्रधानमंत्री ने कहा, ‘सरकार उन लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है जिन्हें विकास का लाभ नहीं मिल रहा है. सरकार ने बंजारा जनजातियों के लिए भी बड़ा फैसला लिया है जिन तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचना मुश्किल होता है.’

मोदी ने कहा, ‘केंद्र सरकार के बजट में एससी और एसटी समुदाय के विकास पर जोर दिया गया है. अनुसूचित जनजाति के बजट के लिए राशि में 30 प्रतिशत बढ़ोतरी, वहीं एससी समुदाय के लिए 35 प्रतिशत की वृद्धि की गयी है.’ प्रधानमंत्री ने लेह में पहले विश्वविद्यालय की आधारशिला भी रखी.