आम चुनाव में दो ही महीने रह जाने के मद्देनजर पश्चिम बंगाल में राजनीतिक गर्माहट बढ़ती हुई दिख रही है. केंद्र में सत्ताधारी भाजपा लगातार अपने वरिष्ठ नेताओं की जनसभाओं के जरिए राज्य की तृणमूल कांग्रेस सरकार पर ताबड़तोड़ हमले कर रही है. वहीं, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी मोदी सरकार के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाए हुई हैं.

रविवार को दक्षिण दिनाजपुर जिले के बालुरघाट संसदीय क्षेत्र में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ की जनसभा तय थी. हालांकि, प्रशासन ने उनके हेलिकॉप्टर को उतरने की इजाजत देने से इनकार कर दिया. इससे पहले भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के साथ भी मालदा में ऐसा ही किया गया था. बाद में आदित्यनाथ ने फोन के जरिए लखनऊ से सभा को संबोधित किया. उन्होंने ममता बनर्जी की सरकार को लोकतंत्र विरोधी बताया. साथ ही, आदित्यनाथ ने इस पर राष्ट्रीय सुरक्षा को नुकसान पहुंचाने वाले अराजक तत्वों को आगे बढ़ाने का आरोप लगाया. इसके अलावा जैसी संभावना थी, आदित्यनाथ ने राज्य में हिंदुओं के साथ कथित भेदभाव का भी मुद्दा उठाया.

जनसभा स्थल का एक दृश्य
जनसभा स्थल का एक दृश्य

राज्य की 42 में से 21 सीटें जीतने का लक्ष्य तय किए भाजपा नेतृत्व के लिए पार्टी जनसभाओं में जुटने वाली भीड़ 2019 के चुनाव के लिए बड़ी उम्मीदें पैदा कर रही है. रविवार को भी आदित्यनाथ की जनसभा के लिए बड़ी संख्या में लोग सभा स्थल पहुंचे थे. लेकिन उन्हें आदित्यनाथ के न पहुंचने से निराशा हुई. सभा खत्म होने के बाद रबीन्द्र महतो का कहना था, ‘ममता बनर्जी ने काफी गलत किया. वे लगातार भाजपा को रोकने की कोशिश कर रही हैं. लेकिन ऐसा नहीं होगा. मानुष (लोग) उससे काफी नाराज है और इसका गुस्सा चुनाव में निकलेगा.’

रबीन्द्र महतो किसान हैं और 1993 से भाजपा के कार्यकर्ता भी. उनका आगे कहना था, ‘ममता जितना मीटिंग रोकेगा, मोदी जी उतना आगे बढ़ेगा.’ जब उनसे हमने पूछा कि जोगी जी (आदित्यनाथ) उन्हें कैसे नेता लगते हैं, तो उनका जवाब था, ‘अच्छा है.’ तो क्या उन्हें आदित्यनाथ की हिंदू-मुसलमान वाली बातें भी अच्छी लगती हैं? इस पर रबींद्र का कहना था कि आदित्यनाथ की इन बातों में कुछ गलत नहीं है क्योंकि तृणमूल सरकार में हिंदुओं के साथ भेदभाव हो रहा है.

वहीं, पेशे से दर्जी अमोद मंडल ने इससे सहमति नहीं जताई. उनका कहना था, ‘किसी भी सरकार को सभी के साथ बराबरी का बर्ताव करना चाहिए. सभी को एक नजर से देखना चाहिए.’ अमोद किसी पार्टी के कार्यकर्ता नहीं है और वे जनसभा स्थल केवल आदित्यनाथ को देखने और सुनने के लिए पहुंचे थे. सभा स्थल पहुंचने वाले ऐसे लोगों की एक बड़ी संख्या थी.

अमोद के बाद हमारी बात उत्पल कुमार से हुई. इस साल आम चुनाव में वे पहली बार वोट डालेंगे. उन्होंने कहा कि गांव के नेता लोगों को गाड़ी करके रैली में लाए. साथ ही, उन्होंने इस नेता की ओर से खाने का भी इंतजाम होने की बात कही. हालांकि, जब हमने उनसे पूछा कि क्या वे योगी आदित्यनाथ को जानते हैं तो इस पर उन्होंने हल्की मुस्कान के साथ इनकार में अपना सिर हिलाया.

उत्पल ने बताया कि मंच पर लगे होर्डिंग में से वे नरेंद्र मोदी और दिलीप घोष (प्रदेश भाजपा अध्यक्ष) को पहचानते हैं, लेकिन अमित शाह को नहीं पहचानते. इसके अलावा आदित्यनाथ के बारे में उनका सिर्फ इतना ही कहना था, ‘ये आज आने वाले हैं.’ हालांकि थोड़ी दूर पर मौजूद एक पेड़ की छांव में खड़ी वरिष्ठ महिला करुणा मंडल ने बताया कि आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं. करुणा के मुताबिक वे तृणमूल की गुंडागर्दी के खिलाफ सभा स्थल आई थीं. उनके साथ जनसभा में मौजूद अधिकांश लोग बीते साल के पंचायत चुनाव में सत्ताधारी पार्टी की कथित धांधली की वजह से नाराज दिखे. मंच से स्थानीय नेताओं द्वारा इस नाराजगी को भुनाने की कोशिश भी लगातार की जाती दिखी.

मुकुल रॉय
मुकुल रॉय

‘पंचायत चुनाव में जो कुछ हुआ, उससे भाजपा को फायदा ही हुआ. अब जोगीजी को नहीं आने दिया तो इसका भी फायदा दिखेगा. लोग देखा न कि सरकार कैसे चल रहा है.’ पहले सीपीएम और अब भाजपा के सदस्य मुकुल रॉय ने सभा स्थल से वापस लौटते हुए ये बातें कहीं. उनका आगे कहना था, ‘हम लोग गणतंत्र बचाने के लिए इस सभा में आया था. हम लोग देश बचाने के लिए यहां आया. देश बचेगा तो हम लोग बचेगा.’

पश्चिम बंगाल में भाजपा अपनी सभाओं में ममता बनर्जी की सरकार को धार्मिक आधार पर जनता के बीच भेदभाव करने वाली, संविधान विरोधी और तानाशाह बताकर जनता के सामने पेश कर रही है. हालांकि, इस तरह के आरोप केंद्रीय स्तर पर भाजपानीत मोदी सरकार पर भी लगते रहे हैं. माना जाता है कि इन बातों के जरिए भाजपा नेतृत्व की कोशिश ममता बनर्जी को उन्हीं के घर में पटखनी देने की है. लेकिन, तृणमूल प्रमुख की नीति भाजपा नेताओं को जमीन पर उतरने देने से रोककर उन्हें जनता से दूर रखने की दिखती है. इस वजह से आदित्यनाथ को भी लखनऊ से बालुरघाट की जनता से कहना पड़ा कि वे मोदी जी के डिजिटल इंडिया के सहारे सभा को संबोधित कर रहे हैं. आदित्यनाथ की एक जनसभा पांच फरवरी को पुरुलिया में भी होनी है.