पिछले बीस बरस में टेक्नोलॉजी ने लोगों की जीवनशैली को एकदम बदल दिया है. सोशल मीडिया के जरिए इंटरनेट ने लोगों को दूर रह कर भी पास रखा है तो उन्हें उनके अपने दायरे में समेट भी दिया है. तकनीक के इस दौर में चार फरवरी की तारीख का खास महत्व है, क्योंकि 2004 को इसी दिन हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुके फेसबुक की शुरुआत हुई थी. मार्क जुकरबर्ग ने हावर्ड यूनिवर्सिटी के अपने तीन साथियों के साथ मिल कर इस प्लेटफॉर्म की शुरुआत की थी. हालांकि इसकी कहानी बड़ी दिलचस्प और विवादित है.

बहरहाल, आज हालत यह है कि दुनिया के अरबों लोग अपनी हर गतिविधि को फेसबुक पर शेअर करते हैं. उनकी सारी दुनिया उनके फोन या लैपटॉप में सिमटकर रह गई है. जुकरबर्ग ने फेसबुक के जरिए अपनी तकदीर बदल दी और पूरी दुनिया की तस्वीर. यह कहना गलत नहीं होगा कि मौसम के बाद शायद यह पहली चीज है जो दुनिया के इतने लोगों को एक साथ प्रभावित करने का माद्दा रखती है.

देश-दुनिया के इतिहास में चार फरवरी की तारीख में दर्ज अन्य महत्वपूर्ण घटनाओं का सिलसिलेवार ब्यौरा इस प्रकार है:

1922 : महान भारतीय शास्त्रीय संगीतकार व गायक भारत रत्न पंडित भीमसेन जोशी का जन्म.

1938 : कथक नृत्य के देश के महान साधक बिरजू महाराज का जन्म.

1948 : सिलोन (अब श्रीलंका) को ब्रिटेन से आजादी मिली.

1976 : ग्वाटेमाला में भीषण भूकंप में 23,000 लोगों की मौत हो गई और 75,000 से ज्यादा जख्मी हुए.

1976 : संयुक्त राष्ट्र के शैक्षणिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन ने कहा कि वह निरक्षरता को दूर करने के अपने प्रयासों में असफल रहा है. इस संबंध में संगठन का दस वर्ष का कार्यक्रम भारत सहित 11 देशों पर केंद्रित था.

1968 : केन्या से एशियाई नागरिकों के पलायन का सिलसिला जारी. भारत और पाकिस्तान के 96 लोग ब्रिटेन पहुंचे, जिनमें नौ छोटे बच्चे शामिल.

1990 : केरल का एर्नाकुलम जिला देश का पूर्ण साक्षर जिला घोषित. यहां साक्षरता की दर शत प्रतिशत दर्ज की गई.

1994 : अमेरिका ने वियतनाम के खिलाफ लगाए गए व्यापारिक प्रतिबंध समाप्त किए.

1997 : उत्तरी इजरायल में वहां की सेना के दो हेलीकॉप्टर टकराए. इजरायल के इतिहास के इस सबसे भीषण हवाई हादसे में सेना से जुड़े 73 लोग मारे गए.

1998 : अफगानिस्तान के पूर्वोत्तर इलाके में भूकंप से 4,000 से ज्यादा लोगों की मौत.

2001 : तिब्बत की निर्वासित सरकार ने एलान किया कि भारत ने करमापा लामा को शरणार्थी का दर्जा दे दिया है. वह जनवरी 2000 में किशोरावस्था में भारत चले आए थे.

2003 : यूगोस्लाविया ने आधिकारिक तौर पर अपना नाम बदलकर सर्बिया और मोंटेनेग्रो किया.