भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह इस रविवार को ओडिशा में थे. यहां उन्होंने पुरी में आयोजित जनसभा के दौरान एक तरफ केंद्र सरकार की योजनाओं का बख़ान किया. दूसरी तरफ कांग्रेस और उसके अध्यक्ष राहुल गांधी को आड़े हाथ लिया. मसलन- डायरेक्ट बेनेफिट ट्रांसफर योजना (डीबीटी) का संदर्भ लेते हुए अमित शाह ने कहा, ‘हमारी (भाजपा की) सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि डीबीटी के जरिए पैसा सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते में जाए. वहीं कांग्रेस के समय की डीबीटी ‘डीलर ब्रोकर ट्रांसफर स्कीम’ थी. उसमें सरकारी योजनाओं का पैसा दलालों के खाते में जाता था.’

भाजपा अध्यक्ष ने कहा, ‘हम इस साल किसानों के खातों में 75,000 करोड़ रुपए पहुंचाने वाले हैं. लेकिन राहुल गांधी इस बात को नहीं समझते. वे तो यह भी नहीं जानते कि रबी फसल क्या है और ख़रीफ की क्या.’ उन्होंने ओडिशा की बीजेडी (बीजू जनता दल) सरकार पर भी निशाना साधा. शाह ने कहा, ‘बीजेडी की सरकार ने ओडिशा के विकास के लिए कुछ नहीं किया. जबकि हमारी सरकार ने ओडिशा को बीते पांच साल में 2.11 लाख करोड़ रुपए दिए. नवीन (पटनायक) बाबू की पार्टी कांग्रेस की बी-टीम है.’

केंद्र की आयुष्मान योजना ओडिशा में लागू न किए जाने पर अमित शाह ने कहा, ‘भले हमारा (भाजपा का) नाम इस योजना से हटा दें पर इसे कम से कम राज्य में लागू तो करें. क्या ओडिशा की स्वास्थ्य (राज्य सरकार की) योजना प्रदेश के उन युवाओं के काम आएगी जो काम के लिए दूसरे राज्यों में चले गए हैं? नहीं आएगी. जबकि आयुष्मान योजना का लाभ ऐसे लोगों को भी मिलेगा. लेकिन राज्य सरकार इस बात को समझने के लिए तैयार नहीं है. इसीलिए इस सरकार को किसी भी सूरत में हटाना होगा.’