केंद्र और पश्चिम बंगाल सरकार में जारी तनातनी के बीच भाजपा ने ममता बनर्जी पर जमकर हमला बोला है. सोमवार को केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कोलकाता में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की. उन्होंने कहा कि जब तृणमूल कांग्रेस के बड़े नेता जेल गए तो ममता बनर्जी ने धरना नहीं दिया लेकिन, पुलिस कमिश्नर के लिए वे धरने पर बैठी हैं. उनका कहना था, ‘पुलिस कमिश्नर के पास ऐसा क्या है जिसे छुपाने के लिए ममता बनर्जी सड़क पर बैठी हैं?’

प्रकाश जावड़ेकर के मुताबिक चिटफंड घोटाले के आरोपितों ने एक लाल डायरी और पेन ड्राइव का जिक्र किया था जिसमें बहुत कुछ है. उन्होंने राज्य में लोकतंत्र की हत्या का दावा किया. प्रकाश जावड़ेकर ने कहा, ‘ये ममता जी की इमरजेंसी है बंगाल में. पहले ऐसा कभी नहीं हुआ कि अधिकारियों को हिरासत में रखा गया हो. ये लोकतंत्र की हत्या है. कभी किसी मुख्यमंत्री को किसी पुलिस कमिश्नर को बचाने के लिए धरना देते नहीं देखा.’ प्रकाश जावड़ेकर का यह भी कहना था कि विपक्षी पार्टियों के ऐसे लोग ममता बनर्जी का समर्थन कर रहे हैं जो खुद जमानत पर बाहर हैं.

यह विवाद रविवार को तब शुरू हुआ जब सीबीआई की एक टीम कोलकाता के पुलिस आयुक्त राजीव कुमार से पूछताछ के लिए कोलकाता पहुंची. लेकिन पश्चिम बंगाल पुलिस के जवानों ने इस टीम के अधिकारियों को हिरासत में ले लिया और उनके साथ धक्का-मुक्की की. इसके बाद राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी तक राजीव कुमार के बचाव में उतर आईं. उन्होंने सीबीआई की कार्रवाई के विरोध में धरना शुरू कर दिया. इसके बाद सीबीआई को सुप्रीम कोर्ट की शरण लेनी पड़ी है जो मंगलवार को मामले की सुनवाई करेगा.