महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे ने सोमवार को सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे से मुलाकात की. द इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक इस मुलाकात में मनसे प्रमुख ने अन्ना हजारे से अपना अनशन तोड़ने की अपील की. साथ ही उन्होंने उनसे भाजपा को ‘सत्ता से बेदखल’ करने की दिशा में काम करने का आग्रह भी किया.

इस मुलाकात के बाद राज ठाकरे ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा, ‘अन्ना हजारे मरें या जिएं, भाजपा को इसकी कोई परवाह नहीं है. मैंने अन्ना हजारे से कहा है कि ऐसे लोगों की वजह से वे अपनी जिंदगी दांव पर न लगाएं.’ राज ठाकरे ने इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दिल्ली के मुख्यमंत्री अ​रविंद केजरीवाल को ‘झूठा’ बताते हुए इन दोनों नेताओं पर भी निशाना साधा.

उन्होंने आगे कहा, ‘मोदी और केजरीवाल दोनों ने ही लोकपाल का समर्थन किया था. लेकिन सत्ता में आने के बाद उन्होंने इसे भुला दिया. लोकपाल के लिए अन्ना हजारे जब एक बार फिर अनशन पर बैठे हैं तो अरविंद केजरीवाल ने यहां आकर उनसे मिलने की जरूरत भी नहीं समझी.’

इस बीच अन्ना हजारे ने कहा, ‘सत्ता में आने से पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने लोकपाल का समर्थन किया था. लेकिन कुर्सी मिलने के बाद ऐसा लगता है कि उसे इससे एलर्जी हो गई है.’ उन्होंने आगे कहा, ‘जब तक यह मांग स्वीकार नहीं की जाती मेरी भूख हड़ताल जारी रहेगी.’ उनका यह भी कहना है, ‘लोकपाल को लेकर केंद्र व महाराष्ट्र की भाजपा सरकार ने लोगों के साथ धोखा किया है.’

लोकपाल की नियुक्ति को लेकर अन्ना हजारे बीते महीने की 30 तारीख को अपने गांव रालेगण सिद्धि में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे थे. इसी रविवार को उन्होंने यह भी कहा था कि अगर उनकी मांग नहीं मानी गई तो वे राष्ट्रपति को अपना पद्मभूषण सम्मान वापस लौटा देंगे.