भारत सरकार को जल्दी ही स्विट्जरलैंड स्थित एचएसबीसी बैंक के भारतीय खाताधारकों से जुड़ी जानकारी मिल सकती है. स्विस अधिकारियों ने वहां के संघीय कर प्रशासन (एफटीए) से संपर्क होने के बाद भारतीय खाताधारकों की जानकारी भारत से साझा करने का रास्ता साफ कर दिया है.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक स्विट्जरलैंड के फेडरल कोर्ट ने अगस्त, 2018 में इस संबंध में आदेश दिया था. इसके बाद खातों की जानकारी साझा करने की प्रक्रिया शुरू की गई. हालांकि बैंक के दो भारतीय खाताधारकों ने इस आदेश को इस आधार पर चुनौती दी थी, कि खातों की जानकारी चोरी के डेटा पर आधारित थी. लेकिन अखबार की रिपोर्ट से साफ होता है कि स्विस कोर्ट ने इस आधार को खारिज कर दिया.

अखबार को पता चला है कि करीब छह हफ्ते पहले एफटीए ने भारतीय खाताधारकों से संपर्क किया था. उसने उन्हें बताया कि भारत ने उनके खातों से जुड़ी जो जानकारी मांगी है, वह दोनों देशों के बीच हुए डीटीए (डबन टैक्सेशन एग्रीमेंट) समझौते के तहत आती हैं. एफटीए ने खाताधारकों को यह भी बताया है कि उन्हें स्विस प्रतिनिधि को अपना नाम या पता देना चाहिए या नहीं. उनसे कहा गया कि इस बारे में स्विट्जरलैंड के संघीय राजपत्र में अंतिम आदेश दिया जाएंगे.

साल 2011 में फ्रांस के अधिकारियों ने भारत सरकार को उन 628 भारतीयों की सूची सौंपी थी जिनके एचएसबीसी बैंक में खाते हैं. वहीं, 2015 में इंडियन एक्सप्रेस ने एक फ्रेंच अखबार और खोजी पत्रकारों की एक अंतरराष्ट्रीय संस्था के साथ मिल कर पता लगाया था कि इन खाताधारकों की संख्या 1,195 है. अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक 2006-07 में इन सभी के खातों में कुल 25,420 करोड़ रुपये की राशि जमा थी. उसने यह भी बताया था कि इनमें से 276 भारतीय खाताधारक ऐसे थे जिनके खाते में कम से कम एक मिलियन डॉलर (सात करोड़ रुपये से ज्यादा) की राशि थी. उस समय की रिपोर्ट के मुताबिक इनमें से 85 खाताधारक भारत में रह रहे थे.