सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) को लेकर केंद्र सरकार को फटकार लगाई है. खबरों के मुताबिक एनआरसी की प्रक्रिया की अंतिम तारीख बढ़ाए जाने को लेकर गृह मंत्रालय ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल की थी. सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अगुवाई वाली खंडपीठ ने मंगलवार को उस पर सुनवाई की. इस दौरान रंजन गोगोई ने कहा कि एनआरसी की प्रक्रिया पूरी करने के लिए 31 जुलाई की अंतिम तारीख तय की गई है जिसे आगे नहीं बढ़ाया जाएगा.

इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि ऐसा लगता है कि गृह मंत्रालय इस प्रक्रिया को बर्बाद करने की कोशिश कर रहा है. रंजन गोगोई का यह भी कहना था कि सरकार चाहे तो इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए 1001 रास्ते तलाश सकती है.

उधर, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने आगामी आम चुनाव के मद्देनजर एनआरसी की प्रक्रिया को दो हफ्ते स्थगित करने को लेकर एक याचिका दाखिल की थी. इसमें तर्क दिया गया था कि आगामी आम चुनाव के दौरान संयुक्त सशस्त्र बलों की 167 कंपनियां चुनाव में व्यस्त रहेंगी. इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि एनआरसी और चुनाव की प्रक्रिया को एक साथ जारी रखा जा सकता है. इसके साथ ही अदालत ने चुनाव आयोग को राज्य के कुछ अधिकारियों को चुनाव के काम से अलग करने के आदेश भी दिए ताकि एनआरसी की प्रक्रिया जारी रखी जा सके.

असम में एनआरसी की कवायद राज्य में रह रहे गैर-कानूनी शरणार्थियों की पहचान के उद्देश्य से की जा रही है. इसका पहला मसौदा बीते साल 30 जुलाई को प्रकाशित किया गया था. इसमें वहां के 3.29 करोड़ में से 2.89 करोड़ निवासियों के नाम शामिल किए गए थे. जिन लोगों के नाम उसमें शामिल नहीं थे उन्हें सरकार की तरफ से तय दस्तावेजों के आधार पर अपने नाम जुड़वाने का मौका दिया था.