सरकार ने चालू वित्त वर्ष में अपने खर्चों को पूरा करने के लिए सरकारी प्रतिभूतियों (बॉन्ड) के जरिये 36,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त कर्ज जुटाने का फैसला किया है. सरकार ने दो किस्तों में 11 से 15 मार्च और 18 से 22 मार्च के दौरान 18,000-18,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त कर्ज जुटाने का फैसला किया है.

पीटीआई ने सरकार की तरफ से जारी एक आधिकारिक बयान के हवाले से यह खबर दी है. इस बयान में यह भी कहा गया है कि निवेशकों को अपनी निवेश योजना दक्षता से बनाने और सरकारी प्रतिभूति बाजार में पारदर्शिता और स्थिरता के लिए सरकार ने रिजर्व बैंक के साथ विचार विमर्श कर एक सांकेतिक कैलेंडर तैयार किया है. इसमें वित्त वर्ष की शेष अवधि यानी चार फरवरी से 31 मार्च तक सरकारी बॉन्ड जारी होने से जुड़ी जानकारियां होंगी.

इस बयान में यह भी कहा गया है कि पूर्व की तरह सरकार के पास कैलेंडर में संशोधन लाने की सुविधा रहेगी. यह बदलाव अधिसूचित राशि, बॉन्ड जारी करने और परिपक्वता की अवधि के बारे में होगा.