सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने सात दिन से चला आ रहा अपना अनशन खत्म कर दिया है. स्क्रोल डॉट इन के मुताबिक महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार की शाम अन्ना हजारे से मुलाकात की थी. साथ ही उन्हें बताया कि सरकार ने उनकी मांगों को स्वीकार कर लिया है. इसके बाद देवेंद्र फडणवीस के हाथों जूस पीकर अन्ना हजारे ने अपना अनशन खत्म कर दिया.

इसके बाद एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में अन्ना हजारे ने कहा, ‘मुख्यमंत्री द्वारा हमारी सभी मांगों को स्वीकार कर लिए जाने के बाद मैं अपना अनशन खत्म कर रहा हूं.’ इसी मौके पर फडणवीस ने कहा, ‘महाराष्ट्र विधानसभा के आगामी सत्र में एक नए लोकपाल बिल को लेकर एक संयुक्त आलेख समिति गठित की जाएगी.’ उन्होंने आगे कहा, ‘हमने फैसला किया है कि लोकपाल परीक्षण समिति (सर्च कमेटी) की इसी महीने की 13 तारीख को बैठक होगी. इस मामले में सुप्रीम कोर्ट की तरफ से दिए तमाम दिशा-निर्देशों का पालन किया जाएगा.’

इससे पहले केंद्र में लोकपाल की नियुक्ति में हो रही देरी और महाराष्ट्र में लोकायुक्त कानून बनाने की मांग को लेकर 81 वर्षीय अन्ना हजारे 30 जनवरी को अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठे थे. यह अनशन उन्होंने महाराष्ट्र के अपने गांव रालेगण सिद्धि में किया था. बीते रविवार को उन्होंने नाराजगी जताते हुए यह भी कहा था कि यदि सरकार ने उनकी मांगें नहीं माननी तो वे अपना पद्म पुरस्कार राष्ट्रपति को लौटा देंगे. इस बीच कई राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी उनसे मुलाकात की थी.